शहर के गागरोन व राडी के बालाजी रोड निवासी लल्लीबाई, संतोष, लालचन्द, बरदीबाई आदि ने बताया कि दिन में तो ईंट भट्टों के धुएं की पता नहीं चलती है। लेकिन सुबह-सुबह 4 से 6 बजे के बीच तो घरों के आस-पास धुंआ ही धुंआ रहता है। सांस लेने में भी दिक्कत होती है। विनोद, रामनारायण माली ने बताया कि धुंए से लोग बीमार हो रहे हैं, आंखों में भी खुजली चलती है। रातभर सांस में जहर घुलता है।