
Jhalawar Medical College.मेडिकल कॉलेज के 9 छात्र निष्कासित, प्रोफेसर के बेटे को बचाया
झालावाड़. Jhalawar Medical College, Jhalawar News, मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में 24 जनवरी को छात्रों के दो गुटों में हुए झगड़े की मेडिकल प्रशासन ने जांच पूरी कर ली है। इसमें नौ छात्रों को छात्रावास परिसर में शराब पार्टी करने, सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने, परिसर में धारदार हथियार लेकर घूमने का दोषी मानते हुए कार्रवाई की है। उधर छात्रों के एक गुट ने सीएम,स्वास्थ्य मंत्री व जिला कलक्टर को पत्र लिखकर कॉलेज प्रशासन पर दबाव में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की शिकायत की है। उनका आरोप है कि झगड़े में जो छात्र तलवार से हमला करता दिख रहा है, उसके कॉलेज से निलम्बित नहीं किया गया है। क्योंकि वह एक प्रोफेसर का बेटा है। उसे बचाया जा रहा है, जबकि दलित छात्रों पर कार्रवाई की गई जो अनुचित है। उधर मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डा. पी. झंवर का कहना है कि छात्रों में मारपीट मामले में दोषियों के खिलाफ अनुशासन समिति ने एक्शन लिया। जूनियर छात्रों के एग्जाम खत्म होने पर उन्होंने शराब पार्टी की सीनियर छात्रों के समझाने के बाद भी नहीं माने और उनके साथ मारपीट की। इस पर अनुशासन समिति ने जांच कर दोषियों को सजा दी। अब जो भी आरोप लगा रहे हैं वह गलत है।
आठ छात्र निलम्बित
दोषी आठ छात्रों को छह माह के लिए कॉलेज के सभी सत्रों से निलम्बित कर छात्रावास से निष्कासित कर दिया है साथ ही प्रत्येक छात्र पर जुर्माना लगाया गया है। मेडिकल कॉलेज के डीन ने झगड़े के समूचे मामले की जांच स्थानीय अनुशासन समिति से करवाई थी। कमेटी ने मेडिकल कॉलेज के छात्र विक्रम मीणा, महेन्द्र जावा, आशीष मीणा, सचिन मीणा, रविन्द्र मीणा, योगेश गड़वाल को सीनियर छात्रों से मारपीट, सरकारी सम्मति को नुकसान पहुंचाने, शराब पार्टी करने का दोषी माना है। इसके अलावा प्रतापसिंह जोधा, धर्मेन्द्र मीणा को ज्यूनियर छात्रों को मारपीट के लिए उकसाने ,व मारपीट में सहयोग करने का दोषी पाया गया है। अनुशासन समिति की अनुशंसा पर दोषी छात्रों को तत्काल प्रभाव से मेडिकल कॉलेज छात्रावास से स्थायी रूप से निष्कासित किया गया है। साथ ही छह माह के लिए कॉलेज के समस्त शैक्षणिक सत्रां से भी तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।
उधर दूसरे गुट के छात्रा पुलकित सिहाग को प्रतिबंधित धारदार हथियार साथ रखने एवं हथियार के साथ बेवजह रात में कैम्पस में घूमने, जूनियर एवं सीनियर छात्रों के झगड़े में शामिल होने का दोषी पाया गया है। उसे छह माह के लिए छात्रावास से निष्कासित किया गया है। छात्रावास में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।
प्रत्येक छात्र पर 10 हजार का जुर्माना
सरकारी सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए प्रत्येक छात्र दस हजार रुपए रुपए आर्थिक दण्ड से दण्डित किया गया है। जिससे से दस हजार रुपए छात्र कैफ अहमद को निजी नुकसान की भरपाई के लिए दिए जाएंगे। पेनल्टी जमा नहीं कराने पर निष्कासन की अवधि छह माह बढ़ाई जाएगी। इस अवधि के दौरान महाविद्यालय परिसर, छात्रावास परिसर या छात्रावास किसी भी कमरे दिखाई देते हैं तो दो हजार रुपए हर बार के हिसाब से पेनल्टी वसूल की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
छात्र धर्मेन्द्र, महेन्द्र जावा व इस गुट के अन्य छात्रों न मेडिकल प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी को घटना का वीडियो सौंपा था, जिसमें एक छात्र तलवार लेकर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन उसके कॉलेज से निष्कासित नहीं किया है, जबकि जांच कमेटी ने भी दोषी माना है। उन्होंने बताया कि दूसरे पक्ष के एक दर्जन छात्रों ने हमला किया था, लेकिन उनको मेडिकल प्रशासन ने बचा लिया है। गौरतलब है कि छात्रावास में 24 जनवरी की रात छात्रों के दो गुटों में झगड़ा हो गया था। तलवार व अन्य धारदार हथियारों से हमले का प्रयास किया गया था। छात्रों के एक गुट ने छात्रावास के कक्ष के फर्नीचर और गेट को तोड़ दिया था। इस घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हुआ था। मामला पुलिस तक पहुंच गया था। दोनों पक्षों ने मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। दोनों पक्षों के छात्रों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। मेडिकल कॉलेज ने भी जांच कमेटी गठित की थी।
Published on:
20 Feb 2022 07:02 am
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