
सुनेल. मई-जून के विराम के बाद शादी के लिए शुभ समय का इंतजार कर रहे जोड़ों के लिए जुलाई सबसे उपयुक्त है। इसके बाद आपको चार महीने इंतजार करना होगा। जुलाई के 15 दिनों मेें शादियों के लिए पांच शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद 17 जुलाई से देवशयनी एकादशी के कारण चातुर्मास लगने से विवाह समारोहों पर चार महीने का विराम लग जाएगा।
वैवाहिक जीवन के लिए आवश्यक सौभाग्य, सुख और सौंदर्य प्रदान करने वाले बृहस्पति और शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण मई और जून में विवाह के लिए कोई शुभ समय नहीं था। इस वजह से अक्षय तृतीया पर सीमित संख्या में ही विवाह समारोह आयोजित किए गए, हालांकि यह स्पष्ट रुप से शुभ मुहूर्त था। 28 अप्रैल को अस्त हुआ शुक्र तारा 5 जुलाई को उदय होगा, लेकिन बृहस्पति तारा 2 जून को उदय हो चुका है। कहा जाता है कि इन दोनों ग्रहों का विवाह के लिए विशेष महत्व है।
दिसंबर में शादी के लिए छह शुभ दिन
Published on:
14 Jun 2024 11:17 pm
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