झालरापाटन. मध्य प्रदेश के भानपुरा में स्थित ज्योर्तिमठ की अवंतर पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ शनिवार को यहां पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे। शंकराचार्य ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व को संस्कृति का दर्शन कराने वाली संस्कृति का यह पीठ भानपुरा में स्थित है और यह परंपरा आज भी चली आ रही है।
झालरापाटन. मध्य प्रदेश के भानपुरा में स्थित ज्योर्तिमठ की अवंतर पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ शनिवार को यहां पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे। शंकराचार्य ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व को संस्कृति का दर्शन कराने वाली संस्कृति का यह पीठ भानपुरा में स्थित है और यह परंपरा आज भी चली आ रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1914 में प्रथम विश्व युद्ध के समय उत्तराखंड जाना दूभर था। स्वामी विश्वेश्वरानंद भानपुरा में रहते हुए ब्रह्मलीन हुए तब से ही भानपुरा में ही बद्री आश्रम का संचालन हुआ। उन्होंने पशुपतिनाथ के आठ मुख्य के नाम का वर्णन करते हुए महादेव के मंत्रों के बारे में बताया। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा के अभिषेक किए। समिति अध्यक्ष पंडित सुरेश शर्मा, गुड्डी लाल शर्मा, विक्की बना, राजू गोस्वामी, राजेंद्र मीडिया दिलीप सेन, गुड्डा, पंकज गुप्ता, मुकेश गौड ने शंकराचार्य का अभिनंदन किया।