
झालावाड़. हजरत ख्वाजा हमीदुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाअलेहमिठ्ठेमहावली सरकार के आस्थाने पर उर्स के दूसरे दिन सोमवार को इशा की नमाज के बाद महफिल सजी जिसमें देश भर से आए करीब एक दर्जन कव्वालों ने अपने कलाम पेश किए।
आमिल आरीफ मेरठ, मुकर्रम वारसी भोपाल, असलम निजामी कानपुर यूपी, सरफराज साबरी जलालाबाद, शब्बीर सदाकत हुसैन कपासन, शाहीदीन साबरी रामपुर यूपी, असलम कादरी बिजनोर, अल्ताफ चिश्ती गागरोन, शारीक चिश्ती रामपुर यूपी सहित देश कई कव्वालों ने मिठ्ठेमहावली सरकार की शान में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। जिसमें आमिल आरीफ मेरठ ने अजब है मंजर यही इश्क तेरा करम के परदे उठा रहा है ख्वाजा चिश्ती तेरा तस्वुर्र अली का जलवा दिखा रहा है, ‘कलन्दरों से ना पूछो कलन्दर इ क्या है नबी की आल से पूछो कलन्दरी क्या है’, मुकर्रम वारसी भोपाल ने सुनाया कि ‘भटकता क्यूं है दर-दर पर सवाली इधर आ तेरी झोली है खाली, यहां किसी ताजवर से मिलेगा मोहम्मद के नूरे नजर से मिलेगा तू मिठ्ठे के दर से मिलेगा’ असलम निजामी कानपुर ने सुनाया ‘या हुसैन या हुसैन यजिद मुर्दाबाद मुर्दाबाद रहेगा, हुसैन हमेशा ही जिन्दाबादजिन्दाबाद रहेगा, खुदा का शुक्र है जितने भी यहां बैठे है सब हुसैन वाले है.......’’ शब्बीर सदाकत साबरी कपासन ने सुनाया ‘‘मेरी बात बन गई आका तेरी बात करते करते ........’’ कव्वाली का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा फनकारों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। लोग झूमने पर मजबूर हो गए।
उर्स में मिठ्ठेमहावली की दरगाह को दुल्हन की तरह सजाया गया है। दरगाह से लेकर पीपाजी मार्ग के दोनों तरफ कमेटी की ओर से लाइट लगाई गई है ताकि आने वाले जायरीनों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। उर्स के दूसरे रोज हजारों जायरीनों ने दरगाह पर हाजरी दी। चादर चढ़ने वालों का तांता लगा रहा। उर्स में करीब एक दर्जन से ज्यादा लंगर चल रहे है जिसमें हजारों जायरीन खाना खाते हैं।
Published on:
10 Jul 2024 12:36 pm
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