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छात्रावास के बच्चों को मिलेगी कोचिंग सुविधा, गेस्ट फैकल्टी के रूप में लिए जाएंगे शिक्षक

भवानीमंडी. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित सरकारी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे भी अब ट्यूशन भी पढेंग़े। स्कूल समय के अलावा नियमित रूप से शिक्षक छात्रावास में क्लास लेंगे और उनकी नींव मजबूत करेंगे। विभागीय छात्रावासों में सरकार की विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के रूप में […]

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  • भवानीमंडी. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित सरकारी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे भी अब ट्यूशन भी पढेंग़े। स्कूल समय के अलावा नियमित रूप से शिक्षक छात्रावास में क्लास लेंगे और उनकी नींव मजबूत करेंगे। विभागीय छात्रावासों में सरकार की विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के रूप में शिक्षकों को लिया जाएगा।

भवानीमंडी. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित सरकारी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे भी अब ट्यूशन भी पढेंग़े। स्कूल समय के अलावा नियमित रूप से शिक्षक छात्रावास में क्लास लेंगे और उनकी नींव मजबूत करेंगे। विभागीय छात्रावासों में सरकार की विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के रूप में शिक्षकों को लिया जाएगा।

छात्रावास अधीक्षक दयाराम बैरवा ने बताया कि गेस्ट फैक्ल्टी के आवेदन लेने की 4 सितंबर आखिरी तारीख है। जल्द ही शिक्षकों का चयन कर बच्चों की कक्षाएं शुरू की जाएगी। छात्रावासों में नियमित रूप से शिक्षक कक्षाएं लेंगे। जिले के 24 बालक-बालिकाओं के राजकीय छात्रावासों के1175 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। सरकार ने योजना के तहत बच्चों की पढ़ाई के लिए बजट आवंटित कर दिया है। प्रत्येक छात्रावास में रहने वाले बच्चों के लिए 75 हजार का बजट निर्धारित किया गया हैं। फैकल्टी एक घंटे बच्चों को पढ़ाएगी। इन विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान व अंग्रेजी की ट़्यूशन दी जाएगी।

होम वर्क भी चैक करेंगे

गेस्ट फैक्ल्टी द्वारा प्रतिदन शाम को एक घंटे का समय देकर छात्रावास में रह रहे छात्र व छात्राओं का होमवर्क भी चैक किया जाएगा। अगर किसी भी प्रकार कि कमजोरी होती है तो बच्चों पर विशेष फोकस किया जाएगा।

यह हैं उद्देश्य-

आमतौर पर बच्चों को गणित, विज्ञान व अंग्रेजी जैसे विषय परेशान करते हैं। इनमें कमजोर रह जाने के कारण परिणाम आशानुरूप नहीं आता। कमजोरी को दूर करने के लिए कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को कोचिंग दी जाएगी। 11वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए विज्ञान, गणित, बायो विषय में बच्चों की संख्या के हिसाब से एक शिक्षक लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि छात्रावासों में आवासित कई बच्चे अतिरिक्त ट्यूशन नहीं ले पाते, ऐसे में ये शिक्षक लगाए जाएंगे। बैरवा ने बताया कि गेस्ट फैक्ल्टी के द्वारा बच्चों के आचरण संबंधित व उनकी पढ़ाई आदि की सात दिन का रिपोर्ट कार्ड बनाकर सौंपी जाएगी।

मिलेगा सकारात्मक परिणाम

इस योजना का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई में संबल प्रदान करना है। कई बच्चे ट्यूशन नहीं ले पाते हैं। ऐसे में उन्हें इस योजना से लाभ मिलेगा। कमजोरी को दूर करने के लिए कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को कोचिंग दी जाएगी। 11वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए विज्ञान, गणित, बायो विषय में बच्चों की संख्या के हिसाब से एक शिक्षक लगाया जाएगा। इसका सकारात्मक परिणाम मिलेगा।

  • रामनिवास यादव, उप निदेशक सामाजिक न्य एवं अधिकारिता विभाग, झालावाड़