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बहुचर्चित सत्तू चौधरी हत्या कांड में 6 लोगों को आजीवन कारावास

- 2012 में वर्चस्व व पैसे के लेनदेन को लेकर की थी थी हत्या

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Life imprisonment for 6 people in the famous Sattu Choudhary murder ca

बहुचर्चित सत्तू चौधरी हत्या कांड में 6 लोगों को आजीवन कारावास

झालावाड़. जिले के बहुचर्चित सत्तू चौधरी हत्याकांड में एनडीपीएस कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश ने गुुरुवार को 6 आरोपियों को करीब 9 साल बाद आजीवन करावास की सजा सुनाई है।
विशिष्ट लोक अभियोजक तनवीर आलम ने बताया कि झालावाड़ शहर के सत्यनारायण उर्फ सत्तू चौधरी की 30 नवम्बर 2012 को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में एनडीपीएस कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश घनश्याम शर्मा ने सुनाए फैसले में 6 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हत्याकांड में रामगोपाल चौधरी निवासी मास्टर कॉलोनी झालावाड़, सुरेन्द्र मेवाड़ा निवासी मंडावर, गौरु उर्फ मनोज यादव, विक्की उर्फ विशाल पारेता निवासी डिप्टी जी का मंदिर झालावाड़, श्यामसिंह निवासी हरिगढ़, महेश मीणा निवासी विनोद खुर्द थाना सांगोद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

कार में मारी थी गोली-
पुलिस थाना कोतवाली में परिवादी रामबाबू ने दी रिपोर्ट में बताया कि रात करीब 12.30 बजे उसके पिता सत्यनारायण चौधरी को मास्टर कॉलोनी में अज्ञात बदमाशों ने कार में गोली मारकर हत्या कर दी। सूचना पर वो आया ओर देखा तो उसके पिता कार में मृत मिले उनके शरीर में गोली लगी हुई थी। इस पर पुलिस ने अनुंसधान किया। पुलिस द्वारा आवश्यक अनुसंधान के बाद अभियुक्तगण राहुल उर्फ रमेश दौलतपुरिया, भीमा उर्फ भीमसिंह राजपूत, श्यामसिंह राजपूत, अशोक माली व महेश मीणा के विरुद्ध धारा 173 (8) सीआरपीसी के तहत जांच पेंडिग रखते हुए अभियुक्त गण रामगोपाल चौधरी, सुरेन्द्र मेवाड़ा, गोरु उर्फ मनोज यादव, विक्की उर्फ विशाल पारेता के विरुध धारा 302, 120 बी आईपी के तहत आरोप पत्र न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में पेश किया। इसम मामले में धारा 302/34 व धारा 3/25 आयुध अधिनियम में आरोप अलग से विचरित कर सुनाए गए। हत्या कांड में शैलेन्द्र यादव, भारत चौधरी, शुभेन्द्र हाड़ा सहित कई गवाहों से भी पूछताछ की गई।

यह था मामला-
झालरापाटन क्षेत्र के बावडी खेडा हाल महात्मा गांधी कॉलोनी निवासी व्यवसायी सत्तू चौधरी नवम्बर 2012 में अपनी स्कॉर्पियों से झालावाड़ मास्टर कॉलोनी में आया था। यहां अपनी गाड़ी खडी करके वह मास्टर कॉलोनी में रहने वाले रामगोपाल चौधरी व अन्य के साथ दूसरी गाड़ी से भवानीमंडी में परिचित की शादी में गए थे। देर रात में वहां लौटने के बाद रामगोपाल चौधरी गाड़ी खडी करके अंदर चला गया था। इसके बाद व्यवसायी सत्तू चौधरी घर जाने के लिए कुछ दूर खड़ी अपनी गाड़ी के पास पहुंचा और स्टार्ट कर रहा था कि वहां घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। जिसमें चौधरी को करीब आठ गोलियां लगी ये काम शूटरों द्वारा किया गया था।

वर्चस्व की थी लड़ाई-
चौधरी के टोल-टेक्स, शराब व्यापार,प्रोपर्टी व्यवसाय सहित अन्य व्यवसायों में जुडे होन से आर्थिक झगडा भी घटना की वजह मानी गई है। पुलिस ने जांच में चौधरी की हत्या उसके ही साथियों ने वर्चस्व की लड़ाई, व्यावसायिक प्रतिस्पद्र्धा, रुपए के विवाद को लेकर करना माना था।

इन्हे मिला आजीवन कारावास-
गुुरुवार को एनडीपीएस के विशिष्ट न्यायाधीश घनश्याम शर्मा ने सुनाया फैसला में बताया कि अभियुक्त रामगोपाल चौधरी, सुरेन्द्र मेवाड़ा, गौरु उर्फ मनोज यादव,विक्की उर्फ विशाल पारेता को आईपीसी की धारा 302 व धारा 120बी व अभियुक्त श्यामसिंह को आईपीसी की धरा 302 व सहपठित धारा 34, तथा अभियुक्त महेश मीणा को आईपीसी की धारा 302,व 34 में आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से अथ दंड जमा नहीं कराने की स्थिति में अभियुक्त को एक-एक साल का कठोर कारावास अतिरिक्त रुप से भुगतना होगा। अभियुक्त महेश मीणा को धारा 3/25 आयुध अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध के आरोप में एक वर्ष के साधारण कारावास एवं एक हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर तीन माह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। महेश मीणा को दी गई दोनों मूल सजाएं साथ-साथ चलेगी। इस मामले में अन्य प्रकरण 42/2017 विचाराधीन होने से प्रकरण में जुप्तशुदा माल को सुरक्षित रखने के लिए कहा। अर्थदंड के रुप में अधिरोपित समस्त राशि मृतक के पुत्र परिवादी रामबाबू चौधरी को बतौर क्षतिपूर्ति अदा करने के लिए कहा।


कोर्ट के फैसले से संतुष्ठ-
जोड़े-मेरे पापा का गौरु यादव से कोई लेना देना नहीं था। मेरे पास कई बार फोन आया, मुझे दबाने की कोशिश की गई। मां गायत्री क्रेशर स्टोन के 25 लाख रुपए का मामला था। जिसमें मुझे कहा गया कि मेरे पक्ष में बयान दोगे तो
और भी ज्यादा पैसे देंगे। आज जो न्यायालय ने फैसलासुनाया उससे में संतुष्ठ हूं।
राम चौधरी, मृतक सत्तु चौधरी का पुत्र