26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में होने लगा इलाज, 8 घंटे में किया महिला का दुर्लभ ऑपरेशन

-महिला को कई दिनों से पेशाब में थी परेशानी

2 min read
Google source verification
Like big cities, treatment started in Jhalawar Medical College, rare o

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में होने लगा इलाज, 8 घंटे में किया महिला का दुर्लभ ऑपरेशन

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में भी आसानी से मिलना शुरु हो गई है। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी विभाग खुलने के बाद पहला सफल ऑपरेशन बुधवार को किया गया है। ऑपरेशन करीब 8 घंटे चला अब महिला मरीज पूरी तरह से स्वास्थ्य है। महिला चल-फिर सकती है। ये ऑपरेशन अगर मरीज बाहर बड़े शहरों में करवाता तो उसे लाखों रुपए खर्च करने पड़ते, लेकिन अब बड़े शहरों में मिलने वाली सुविधा झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में भी मिलना शुरु हो गई है। यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.विशाल नेनीवाल ने बताया कि झालरापाटन तहसील की ममता (परिवर्तित नाम) उम्र 34 साल को कई दिनों से पेट दर्द व पेशाब में परेशानी थी। जांच करवाने पर महिला को पेशाब की थैली में कैंसर होने की पुष्टि हुई। महिला का एक गुर्दा पहले से निकाला जा चुका था, दूसरे में भी सूजन थी, ऐसे में कैंसर लगातार फैल रहा था। ऐसी स्थिति में महिला का जल्द ऑपरेशन करना जरुरी था। ऑपरेशन जटिल होने से करीब आठ घंटे तक ऑपरेशन चला, लेकिन ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा। अब महिला पूरी तरह से स्वास्थ्य है। अब चल फिर सकती है। तीन लोगों का काम अकले डॉक्टर ने किया- यूरोलॉजी विभाग खुलने के बाद ये पहला ऑपरेशन है जो सफल रहा। इस तरह के ऑपरेशन में चार डॉक्टरों की टीम काम करती है। लेकिन यूरोलॉजी विभाग में एक ही डॉक्टर होने के बाद भी ये ऑपरेशन किया गया। महिला के मूत्राशय, आसपास के अंग, मूत्रवाहिनी, गर्भाशय, गर्भनाल आदि निकालकर ऑपरेशन कर फिर से सभी अंग व्यवस्थित किए गए। ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा।

इन्होंने किया सहयोग-

ऑपरेशन में यूरोलॉजिस्ट डॉ.विशाल नेनीवाल के नेतृत्व में नर्सिंग स्टाफ कीर्ति, कन्हैया लाल, छोटू, प्रेमलता, एनेस्थिसिया विभाग के डॉ.राजन नंदा, डॉ.संजीव गुप्ता, डॉ.सुधीर आदि ने सहयोग किया। ऑपरेशन सुबह 8 बजे शुरु हुआ जो शाम 3.45 बजे तक चला। पेशाब की नई थैली बनाई- 34 वर्षीय महिला की पेशाब, बच्चेदानी, अंडकोष, पेशाब की नली आदि को निकालकर दोनों तरफ के लिम्फनोड निकाले आंतों से नई पेशाब की थैली बनाकर तैयार की गई,उसके बाद महिला का ऑपरेशन किया गया। ये थी महिला को परेशानी- महिला को कई दिनों से पेट दर्द, पेशाब में खून आ रहा था, पेशाब करने के बाद एक बार में पेशाब सही नहीं आता था। ऐसे में डॉक्टरों ने जांच करवाई तो पेशाब की थैली में गठान थी, उसका एक टूकड़ा निकालकर जांच की तो कैंसर की पुष्टि हुई। ऐसे में कैंसर धीरे-धीरे अन्य अंगों में फेल रहा था, महिला का ऑपरेशन कर उस गठान को निकाला गया। ऑपरेशन काफी बड़ा था, ऐसे ऑपरेशन पहले झालावाड़ में होना संभव नहीं था, लेकिन अब यूरोलॉजी विभाग खुलने से झालावाड़ सहित मध्यप्रदेश के लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।

सफल रहा ऑपरेशन-

महिला का ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा अब महिला दो दिन बाद ही चल फिर सकती है। आईसीयू में महिला भर्ती है, अब वो चल फिर सकती है।

अब पूरी तरह से स्वास्थ्य है

- इंटरियर पेल्विक एक्सेंटरेशन नामक ऑपरेशन बुधवार को किया गया है। महिला अब पूरी तरह से स्वास्थ्य है। महिला को पेशाब में परेशानी थी। ऑपरेशन आठ घंटे तक चला, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में इस तरह का ये पहला ऑपरेशन हुआ।

डॉ.विशाल नेनीवाल, विभागाध्यक्ष, यूरोलॉजी विभाग, झालावाड़।