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किस्मत ऑनलाइन लॉटरी पर निर्भर, खुली तो अनुदान नहीं तो वंचित रहो

- जिले के विधायक मौन, कैसे काम होंगे किसानों के - लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों को झटका - लंबित आवेदक किसानों को अनुदान नहीं दे सके तो निकाला आवेदन निरस्त करने का निकाला तरीका

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Luck depends on online lottery, if open then grant otherwise be depriv

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हरि सिंह गुर्जर
झालावाड़.राज्य सरकार के उद्यान विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक कृषि से जोडऩे व उत्पादन बढ़ाने के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पिछले चार साल से इंतजार कर रहे किसानों को बड़ा झटका लग सकता है। उद्यान विभाग के आयुक्त ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले हजारों किसानों के आवेदनों को निस्तारण करने के लिए लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिसमें दस दिन पहले आवेदन करने वाला किसान लाभान्वित हो सकता है और चार साल पहले आवेदन करने वाला किसान वंचित रह सकता है। क्योंकि लॉटरी में सभी आवेदक किसानों की पर्चियां एक साथ डाली जाएंगी। लॉटरी में जिनका नाम आ जाएगा, उन्हे लाभान्वित किया जाएगा, शेष सभी आवेदन निरस्त माने जाएंगे। फिर भी कोई किसान योजना का लाभ उठाना चाहे तो उसे अगले वित्तीय वर्ष में दुबारा आवेदन करना होगा।
गौरतलब है कि उद्यान विभाग द्वारा योजनाओं के तहत कई गतिविधियां यथा पॉली हाउस, शैडनेट, मल्च, लोटनल, कम लागत के प्याज भंडार, पैक हाउस, सामुदायिक जल स्त्रोत आदि के निर्माण में अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों द्वारा किए गए आवेदन पिछले कई वर्षों से लंबित है। झालावाड़ जिले में ग्रीन हाउस, प्याज भंडार सहित कई योजनाओं के करीब डेढ़ हजार से अधिक आवेदन 2019 से लंबित चल रहे हैं। ऐसे में विभाग ने आवेदनों का निस्तारण करने के लिए लक्ष्य बढ़ाने की बजाए लॉटरी प्रक्रिया का सहारा लिया है, ताकि पेंडेंसी खत्म हो जाए, लेकिन किसान इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। दूसरे जिलों में विधायकों व जनप्रतिनिधियों ने तो सरकार को लॉटरी प्रक्रिया के विरोध में पत्र भी खिले है,लेकिन झालावाड़ जिले के विधायक अभी मौन है। लॉटरी में नंबर नहीं आया तो दुबारा आवेदन करना होगा।

जिलास्तर पर बनेगी कमेटी-
लॉटरी निकालने के लिए जिला स्तर पर गठित कमेटी के समक्ष निर्धारित तिथि को गतिविधिवार व कृषक श्रेणी वार सामान्य/अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जन जाति के पात्र किसानों का चयन कर सूची का संधारण किया जाएगा। यह सूची चालू वित्त वर्ष में मान्य होगी तथा वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर स्वत: ही निरस्त मानी जाएगी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए किसानों को अनुदान के लिए वापस पंजीकरण करवान होगा।

प्याज भंडारण के सबसे ज्यादा आवेदन-
उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिले में करीब 1900 किसान कतार में खड़े है, लेकिन विभाग के लक्ष्य सीमित होने के कारण जिले में आवेदनों की पेंडेंसी बढ़ रही है। जिले में 1500 से अधिक अकेले प्याज भंडारण के आवेदन लंबित है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों में आई जागरुकता के चलते उद्यानिकी विभाग के पास आवेदनों का ढेर लग गया है और किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए दो से तीन वर्ष तक इंतजार करना पड़ रहा है।

इस स्थिति में निकलेगी लॉटरी-
राज्य सरकार के उद्यानिकी विभाग के आयुक्त अभिमन्यु कुमार के निर्देशानुसार गतिविधिवार एवं कृषक श्रेणीवार जिले को आवंटित लक्ष्यों के डेढ़ गुणा यानी क150 प्रतिशत से अधिक होने पर पात्र किसानों का चयन लॉटरी से किया जाएगा। लॉटरी ऑनलाइन निकाली जाएगी। जिसमें कम्प्यूटर द्वारा रेंडमली किसानों का चयन किया जाएगा।


फैक्ट फाइल-

योजना कानाम लक्ष्य आवेदन लंबित
प्याज भंडारण 35 1600
ग्रीन हाउस/ पॉली हाउस 14 हजार वर्ग मीटर 65
सामुदायिक जल स्त्रोत 1 2
सौर ऊर्जा 73 300

जिला स्तरीय समिति का गठन किया-
लॉटरी का फैसला राज्य स्तर पर हुआ है। आवेदन ज्यादा आ रहे हैं और लक्ष्य कम होता है, इसलिए लॉटरी सिस्टम उच्चस्तर पर किया। जिले में लॉटरी ऑनलाइन निकाली जाएगी। इसके लिए एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
कैलाश चन्द शर्मा, सहायक निदेशक

टारगेट बढ़ाए-
किसानों के साथ धोखा नहीं होने देंगे, राज्य सरकार से मांग करेंगे कि जो किसान हित की योजनाएं है उनके टारगेट बढ़ाए। न कि लॉटरी सिस्टम करके पेंडेंसी खत्म करें। इससे जो किसान चार साल से कतार में है उसे फिर से शुरु से आवेदन कर दूबारा इंतजार करना होगा।

नरेन्द्र नागर, विधायक, खानपुर।