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चिट फंड कंपनी बनाकर 36 लाख हड़प लिए

चिटफंड कंपनी के मामले में 5 साल की कठोर कारावास व 10 हजार रुपए के आर्थिक दण्ड से दण्डित किया
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झालावाड़

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 31 Jul 2022, 9:10 AM IST

चिट फंड कंपनी बनाकर 36 लाख हड़प लिए

चिट फंड कंपनी बनाकर 36 लाख हड़प लिए

झालावाड़ जिले के चौमहला. न्यायालय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चिटफंड कंपनी के मामले में फैसला सुनाते हुए 5 साल की कठोर कारावास व 10 हजार रुपए के आर्थिक दण्ड से दण्डित किया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजपाल मीना ने चार साल पुराने चर्चित मामले में यह फैसला दिया है।
फैसले के अनुसार आरोपी सतनाम ङ्क्षसह के खिलाफ न्यायालय में चिट फंड मामले में मुकदमा लम्बित चल रहा था, जिसमें आरोपी सतनाम ङ्क्षसह ने सुनियोजित तरीके से अपनी एक कम्पनी जी एन गोल्ड लिमिटेड, जी एन डेयरी बनाकर फरियादी बलराम पोरवाल को अपना एजेंट बनाया । तहसील गंगधार में उस जैसे करीब 100 एजेंट और बनाए। जिनके माध्यम से वह आम लोगों से आरडी, एफडी व डेली कलेक्शन के माध्यम से पैसा वसूलता था। परिवादी भी इस बोगस कम्पनी का एजेंट बन गया, जिसके द्वारा इस कम्पनी की ब्रांच मंदसौर में रुपए जमा कराए। जिसकी रसीदे परिवादी के पास सुरक्षित थी। एफडी, आरडी का समय पूर्ण होने पर जब परिवादी ने आमजन के रुपए का तकाजा किया तो आरोपी मंदसौर ब्रांच के शाखा प्रबंधक ने रूपए देने से इंकार कर दिया तथा परिवादी को धमकियां दी। प्रकरण में परिवादी के करीब 36 लाख रुपए बोगस कम्पनी ने हड़प लिए। इस मामले को लेकर परिवादी बलराम ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें शनिवार को फैसला सुनाया गया। आरोपी सतनाम ङ्क्षसह को वर्ष 2017 में न्यायालय के आदेश से न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया गया था, तब से ही आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा था। न्यायालय के फैसले के अनुसार आरोपी सतनाम ङ्क्षसह रंधावा को 5 साल के कठोर कारावास से दण्डित किया गया साथ ही 10 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड जमा नहीं कराने पर अभियुक्त को 1 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। जो कि मूल सजा के अतिरिक्त होगी।