12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झालावाड़

महाराणा प्रताप ने सनातन धर्म के लिए लड़ा था हल्दी घाटी का युद्ध – प्रदीप मिश्रा

      महाराणा प्रताप ने गुलामी की रोटी नहीं खाई- मिश्रा सनातन धर्म व राष्ट्रीय एकता पर दिया जोर

Google source verification

झालावाड़.शहर में शुक्रवार को भीषण गर्मी के बीच चहुं और शिव शंकर के जयकारे सुनाएं दिए। गर्मी व आंधी तुफान भी श्रद्धालुओं को रोक नहीं पाएं, भारी संख्या में लोग धर्मसभा में पहुंचे। कलश यात्रा में श्रद्धालु केसरिया परिधानों में आकर्षण का केन्द्र लग रहे थे। चारों ओर माहौल धर्ममय था। यात्रा के बाद धर्मसभा हुई। वहां भी महाराणा प्रताप व शिव के जयकारों से पांडाल गंूज उठा। शहर में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में आए सीहोर के पं.प्रदीप मिश्रा की धर्मसभा राधारमण प्रांगण में हुई। मिश्रा ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत माता के सूपत महाराणा प्रताप ने गुलामी की रोटी नहीं खाई।महाराणा प्रताप के पिता उदयसिंह शिव की व माता कृष्ण की भक्ति में डूबे रहते थे। जिनके पिता शिव भक्त हो उसका पुत्र सच्चा सनातन धर्मी व राष्ट्रभक्त था।


मिश्रा ने कहा कि महाराणा प्रताप ने हल्दी घाटी के युद्ध को अपने परिवार के लिए नहीं लड़ा राष्ट्र के लिए अपने सनातन धर्म के लिए लड़ा था, किसी जाति समाज के लिए नहीं, मातृभूमि व राष्ट्र की रक्षा के लिए लड़ा था। मिश्रा ने हिन्दू धर्म के विखंडन को चार बेलों की एकता के माध्यम से समझाया। और कहा कि हिन्दू संगठित रहेंगे तो सनातन धर्म एकजुट रहेगा। उन्होंने ऊंच नीच को मिटाते हुए हिन्दू धर्म के चार वर्ण बताए जिसमें ब्राह्मण, क्षेत्रिय, वैश्य, शुद्र है। ये चारों भगवान शिव के लिए बराबर है,शमशान में आने के बाद किसी से धर्म नहीं पूछा जाता है। वहां तो जो भी आता है राख का ढ़ेर बन जाता है, शमशान शिव का धाम। सनातन धर्म चार पायों पर टीका हुआ है। कोई कहें मेरा समाज बढ़ा कोई कहें मेरी जाती बढ़ी,ये नहीं होना चाहिए।

बड़ी खबरें

View All

झालावाड़

राजस्थान न्यूज़