साल भर रहता बेसब्री से इंतजार
इस समय आप किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में चले जाइए आपको एक खास खुशबू आकर्षित करेगी। महुआ की मध्यम आकार के पत्तों के साथ बड़े बड़े पेड़ों से महुआ टपकने का मौसम चल रहा है। ग्रामीण रामकरण दांगी, सुरेश कुमार नागर आदि ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में साल भर इस मौसम का बेसब्री से इंतजार रहता है। उन्होंने बताया कि पेड़ से गिरे महुआ को बीनने यानी एकत्र करने के लिए तत्पर रहते हैं। क्षेत्र में तो ये सीजन खासा महत्व रखता है, क्योंकि रोजी रोटी का एक महत्वपूर्ण माध्यम है महुआ एक एक फली उठाकर उसे एकत्र करना और फिर धूप में सुखाना काफी मेहनत का काम माना जाता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोग खुशी से इसमें पसीना बहाते हैं। इस उम्मीद के साथ कि इसे बेंचकर उनके जीवकोपार्जन का इंतजाम हो जाएगा।