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भवनों में चल रहा कामकाज, बारिश में टपकती छतों से जान को खतरा

शहर के राजकीय हीरा कुंबर बा जनाना चिकित्सालय, कोष कार्यालय और पटवार घर समेत कई सरकारी भवनों में बारिश के दौरान पानी टपकने की शिकायतें सामने आती रही हैं

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मिनी सचिवालय के ए ब्लॉक और न्यायालय भवन में कई स्थानों पर दरारें पड़ चुकी हैं। फ र्श बैठने लगा है। बरसात के समय छतों से पानी का रिसाव होने लगता है

झालावाड़। जिले में कई सरकारी भवनों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि बारिश के मौसम में उनमें काम करना जोखिम भरा हो गया है। छतों से पानी टपकने, दीवारों में दरारें आने और फ र्श धंसने जैसी समस्याओं के बीच कर्मचारी डर के साए में काम करने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि कई भवनों में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य उपकरण भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।

झलावाड़ शहर के राजकीय हीरा कुंबर बा जनाना चिकित्सालय, कोष कार्यालय और पटवार घर समेत कई सरकारी भवनों में बारिश के दौरान पानी टपकने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कर्मचारियों को कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खराब होने से बचाने के लिए पॉलिथीन से ढककर रखना पड़ता है। इससे कार्य प्रभावित होने के साथ आमजन को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

यह सबसे खराब हालत

सबसे गंभीर स्थिति खानपुर के मिनी सचिवालय भवन की है। करीब 18 वर्ष पूर्व निर्मित इस भवन में वर्तमान में उपखंड अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, नायब तहसीलदार कार्यालय, चुनाव शाखा तथा एमजेएम न्यायालय सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित हो रहे हैं। यहां प्रतिदिन 70 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं जबकि सैकड़ों लोग अपने काम से आते.जाते हैं।

मिनी सचिवालय के ए ब्लॉक और न्यायालय भवन में कई स्थानों पर दरारें पड़ चुकी हैं। फ र्श बैठने लगा है। बरसात के समय छतों से पानी का रिसाव होने लगता है। पिछले वर्ष भी बारिश के दौरान कार्यालयों में पानी भरने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ी थीं। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय का नया भवन डूंडी बाईपास क्षेत्र में बनाया जा रहा है, लेकिन तब तक कर्मचारी और आमजन इसी भवन पर निर्भर हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि जर्जर भवनों में हर दिन काम करना जोखिम भरा है। समय रहते मरम्मत और रखरखाव नहीं हुआ तो बारिश के मौसम में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात के दौरान भवन की छतों से पानी टपकने की समस्या गंभीर रूप ले लेती है, जिससे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के खराब होने का खतरा बना रहता है। गत वर्ष हुई बारिश के दौरान भी भवन में पानी रिसाव होने से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई कार्यालयों में रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ी थी। परेशानी को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय का भवन अब नगर के डूंडी बाईपास पर बनाया जा रहा है। लेकिन अभी तो परेशानी बनी हुई है।

‘मिनी सचिवालय भवन को जर्जर घोषित नहीं किया गया है। ग्राउंड फ्लोर की मिट्टी काली होने के कारण फ र्श बैठ गया है और दीवारों में दरारें आई हैं। मरम्मत के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। छत और दीवारों की मरम्मत करवाई जाएगी तथा फ र्श सुधार के लिए अलग से बजट की मांग की गई है।

रजत कुमार विजयवर्गीय, उपखंड अधिकारी खानपुर