
Rajasthan Panchayat Elections Update : फाइल ग्राफिक्स फोटो पत्रिका
Rajasthan Panchayat Nikay Elections Update : पंचायती राज चुनाव में लगातार हो रही देरी अब सरकारी खजाने पर भी भारी पड़ने लगी है। चुनाव के लिए मध्यप्रदेश से किराए पर मंगवाई गई करीब 10 हजार बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट जनवरी से प्रदेशभर के वेयरहाउसों में बंद पड़ी हैं। इनका उपयोग नहीं हो रहा, लेकिन सरकार को हर माह 20 लाख रुपए किराया चुकाना पड़ रहा है। चुनाव जितने आगे खिसक रहे हैं, सरकारी खजाने पर उतना ही अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है।
दरअसल, राजस्थान सरकार ने चुनाव कराने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के साथ एमओयू कर करीब 10 हजार बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट किराए पर मंगवाई थीं। शुरुआती तैयारी अप्रेल में चुनाव कराने की थी, लेकिन चुनाव टलते गए। जनवरी से वेयरहाउसों में रखी मशीनों की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी भी राजस्थान सरकार पर है। ऐसे में उपयोग नहीं होने के बावजूद सरकार को किराए के साथ सुरक्षा और रखरखाव का अतिरिक्त भार भी उठाना पड़ रहा है।
एमओयू के तहत प्रत्येक बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट सेट का चार माह का किराया 800 रुपए तय किया गया है। इसके अलावा प्रति सेट 800 रुपए सुरक्षा राशि भी जमा कराई गई है। मशीनों की टूट-फूट और रखरखाव की जिम्मेदारी भी राजस्थान सरकार की है।
हाईकोर्ट ने 16 जुलाई को हुई सुनवाई में चुनाव में देरी पर सख्ती दिखाते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त और ओबीसी आयोग से कहा कि सोमवार (20 जुलाई) तक चुनाव की तारीख, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की तारीख तथा आरक्षण की लॉटरी निकालने की तिथि की जानकारी के साथ संबंधित अधिकारी उपस्थित हों। अदालत ने पूर्व में दिए गए आदेश की पालना नहीं करने पर अवमानना की चेतावनी भी दी है। अब मामले में सोमवार को फिर सुनवाई होगी।
सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव चार चरणों में और निकाय चुनाव दो चरणों में कराने पर विचार कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है तो राज्य में कुल छह चरणों में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनावी स्टाफ और सुरक्षा बलों की उपलब्धता है। पंचायत चुनाव के लिए करीब 6 लाख कार्मिकों की आवश्यकता होगी। इनमें लगभग 3.20 लाख चुनाव कर्मी और 2.80 लाख सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
वहीं निकाय चुनाव के लिए भी करीब 2.40 लाख कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। एक साथ इतने कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की उपलब्धता मुश्किल होने के कारण आयोग चरणबद्ध चुनाव कराने की रणनीति पर काम कर रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था संभालने और सुरक्षा प्रबंधन में भी आसानी होगी।
Updated on:
19 Jul 2026 10:06 am
Published on:
19 Jul 2026 07:03 am
