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Jhalawar Flood…बाढ़ में फंसे लोगों तक ड्रोन से भेजा संदेश, नदी किनारे लाने का प्रयास, कई हाइवे बंद

कालीसिंध बांध के 26 गेट खोलकर 6 लाख क्यूसेक पानी की निकासी

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Jhalawar Flood...बाढ़ में फंसे लोगों तक ड्रोन से भेजा संदेश, नदी किनारे लाने का प्रयास, कई हाइवे बंद

Jhalawar Flood...बाढ़ में फंसे लोगों तक ड्रोन से भेजा संदेश, नदी किनारे लाने का प्रयास, कई हाइवे बंद

झालावाड़. कोटा संभाग में मंगलवार सुबह भारी बारिश का दौर थम गया है, लेकिन दो दिन से अति भारी बारिश होने से नदियों में पानी की भारी आवक हो रही है। सभी नदियां उफान पर आ गई है। कालीसिंध बांध के 26 गेट खोलकर 6 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। उधर बाढ़ के कारण झालावाड़-बारां मेगा हाइवे पर आवागमन सोमवार से ही बंद है। स्टेट हाइवे 89 पर मंगलवार तड़के 4 बजे से आवागमन बंद हो गया है। इकतासा में कोटा-झालावाड़-भोपाल स्टेट हाइवे बंद हो गया है। रायपुर के पास कोटा-इंदौर मार्ग भी बंद हो गया है। उधर कोटा बैराज से चम्बल नदी से लगातार पानी की निकासी की जा रही है। खनपुर क्षेत्र के सारोला क्षेत्र के टापू बने छापीहेड़ा, बुखारी, हथौली गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। मौके पर डीवाईएसपी राजीव परिहार, एसएचओ अजय शर्मा तैनात है। पुलिस ने ड्रोन कैमरा उड़ाकर आमजन को नदी किनारे लाने का संदेश दिया जा रहा है।कोटा जिले के इटावा के पास चम्बल, कालीसिंध व पार्वती का संगम होने के कारण चम्बल खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इटावा उपखण्ड के कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात है।
रास्ता बंद हो गया
कालीसिंध नदी का पानी इकवासा टोल प्लाजा से लेकर तीनधार चौराहे तक फैल जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। तीनधार में निचली बस्ती के घरों में पानी भर गया। कालीसिंध बांध में पानी की आवक लगातार जारी रहने से कुल 33 में से 26 गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। जलसंसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में सबसे अधिक पानी की आवक वाले कालीसिंध बांध के मंगलवार सुबह 26 गेट 163.5 मीटर खोलकर 5 लाख 99 हजार 713 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जिससे कालीसिंध नदी

विकट हालात
झाालवाड़ जिले में मंगलवार सुबह बाढ़ के हालात बन गए हैं। कालीसिंध नदी का पानी वापस दौडऩे के कारण झालावाड़ शहर के कई इलाकों में तीन से चार फीट पानी भर गया है। झालावाड़ की सब्जीमंडी, बृजनगर पेट्रोल पम्प, खडिय़ां तक पानी आ गया है। उधर कालीसिंध नदी का पानी मुंडेरी से आगे बढ़ गया है। इस कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ के हालात होने की संभावना है। गगरोन ग्राम पंचायत के सभी गांवों का झालावाड़ से सम्पर्क कट गया है। गगरोन पंचायत टापू बन गई है। बकानी में भी कालीसिंध नदी का पानी घुस गया है। बाढ़़ प्रभावित क्षेत्रों में करंट फैलने की आशंका से बिजली काट दी है। कलक्टर डा. भारती दीक्षित और एसपी ऋचा तोमर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। भीमसागर बांध के पांच गेट खोलकर 25 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की कमान संभाल ली है और लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।