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प्रभारी मंत्री बोले: प्रशासनिक ढर्रा सुधारें कलक्टर

बिना तैयारी के पहुंचे अधिकारी बैठक मेंए मंत्री ने कहा कि अगली बार पूरी तैयारी के साथ आएं . जिले में बिगड़ी कानूनी व्यवस्था पर जताई नाराजगी

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Minister in charge said: improve administrative infrastructure collect

प्रभारी मंत्री बोले: प्रशासनिक ढर्रा सुधारें कलक्टर

झालावाड़. जिले के प्रभारी मंत्री टीकाराम जूली की अध्यक्षता में मंगलवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में कई अधिकारी बिना तैयारी के ही पहुंच गए। इस पर मंत्री ने कई अधिकारियों को लताड़ लगाकर अगली बार पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने के लिए कहा।जूली ने बैठक में कहा कि जो भी अधिकारी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्रता रखने के बावजूद किसी पात्र व्यक्ति बार-बार चक्कर कटवाएगा ऐसे दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जाएगी।

डिस्कॉम अधिकारी अपने आप को सुपरमैन नहीं समझे-
जनसुनवाई में बिजली विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें आने के बाद बैठक में मंत्री ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी अपने आप को सुपरमैन नहीं समझे। कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता अनिल बिलोटिया को कहा कि विभाग के एईन, जईन द्वारा जनता के फोन उठाने के निर्देश दें।ट्रांसफार्मर समय से चेंज करेंए सबसे ज्यादा शिकायतें आपकी आई है। अगली बार ऐसी शिकायतें नहीं आए।मंत्री ने कहा कि मैं प्रेक्टीकली बोल रहा हूं, मैं शिकायतों को गंभीरता से देखता हूं। उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों के लिए आगामी माहों में जनसुनवाई करने की बात कही।


दस-दस हजार रूपए लेकर लगा रहे-
वहीं पूर्व विधायक कैलाश मीणा द्वारा एसआरजी चिकित्साय में अधीक्षक द्वारा दस-दस हजार रूपए लेकर सीधे अनट्रेंड व्यक्ति प्लेसमेंट पर लगाने की शिकायत मंत्री से करने परए इसे मंत्री द्वारा गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने की बात कही। मीणा ने कहा ये स्वयं ठेकेदार बन रहे हैं, लगाने के बाद ठेकेदार से आदेश निकलवा रहे हैं, ऐसे में कभी कोई बात हो गई तो जिम्मेदारी किसकी होगी।

निरस्त करने का कारण नहीं बता पाएं-
प्रारंम्भिक जिला शिक्षा अधिकारी से 17 खेल मैदान निरस्त करने का कारण पूछा तो डीईओ नहीं बता पाएंए इधर-उधर झांकने लगे। जलदाय विभाग के अधिकारियों से पूछने पर अधिकारी उपलब्धियां गिनाने लगे। इसी दौरान एक सरपंच ने मंत्री के सामने ही कहा कि साहब ये अधिकारी झूंठ बोल रहे हैं। गागरीन से पानी तो दे रहे है लेकिन आधे से ज्यादा प्वाइंट बंद है। इस पर मंत्री ने बैठक में ही अधिकारी को लताड़ लगाई। डीएफओ के जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने के मामले में पूर्व विधायक कैलाश मीणा व मदनलाल वर्मा द्वारा शिकायत करने पर मंत्री ने कहा कि अभी नई नौकरी लगी हैए ऐसा मत करोंए इस मामले में काफी गहमागहमी हुई। पूर्व सभापति मनीष शुक्ला ने चिकित्सालय के टॉयलेट साफ नहीं होने की शिकायत की। इस पर डीन ने कहा कि तीन बार साफ करवाते हैं। इस मामले में जूली ने कलक्टर को चिकित्सालय का निरीक्षण करने के लिए कहा।बैठक में खनन विभाग का नंबर आया लेकिन मौके पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं होने से कोई चर्चा नहीं हो सकी।जिला कलक्टर निकया गोहाएन से कहा कि कलक्टर साहब प्रशासनिक ढर्रा बिगड़ा हुआ है, इसे सुधारें। मंत्री ने कहा कि पात्र होने के पश्चात् विधवाओं,दिव्यांगों एवं वृद्धजनों को पेंशन स्वीकृत कराना ग्राम विकास अधिकारी का कार्य है। अगर इसमें कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना में वंचितों को लाभ दिलाने के लिए सर्वे करवाएं। शमशान घाट निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक विद्यालय को खेल मैदान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में है। खेल मैदान व चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में प्रभारी सचिव एवं सभागीय आयुक्त कैलाश चन्द मीणा ने कहा कि कोविड.19 प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित की जाए। खेल मैदानों से वंचित विद्यालयों की रिपोर्ट तीन दिवस में संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर कार्यालय को भिजवाने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के निर्माण में विलम्ब का कारण पूछा। कलक्टर निकया गोहाएन ने अधिकारियों को लॉकडाउन की सुस्ती से बाहर आने के लिए कहा। पूर्व विधायक मदनलाल वर्मा ने पंचायती राज के विकास कार्यों की जांच सरकारी एजेन्सियों के माध्यम करवाने की मांग की। प्रभारी मंत्री ने मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय उपकरण क्रय करने के लिए डीएमएफडी फंड से 1 करोड़ 79 लाख रुपए देने की घोषणा।