
MNREGA...मनरेगा के फर्जीवाड़े में लगेगी लगाम
झालावाड़. जिले सहित प्रदेशभर में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर हो रहे फर्जीवाड़े पर अब एमएमएस सिस्टम नकेल कसेगा। इसके लिए राज्य सरकार 13 अगस्त से प्रदेशभर में मनरेगा कार्यस्थल पर एमएमएस (मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) व्यवस्था लागू करेगी। इसमें मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से श्रमिकों की उपस्थिति ली जाएगी तथा प्रतिदिन मनरेगा मेटों को श्रमिकों की उपस्थिति व कार्यस्थल का फोटो मनरेगा सॉफ्ट पर अपलोड करना होगा। मनरेगा फर्जीवाड़े की मिल रही शिकायतों व नरेगा योजना में हो रहे फर्जीवाड़े रोकने के लिए सरकार ने एमएमएस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर सरकार पंचायत राज विभाग के ईजीएस आयुक्त अभिषेक भगोतिया ने प्रदेशभर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को आदेश जारी कर मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए आगामी 13 अगस्त से मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए है। जानकारों की माने तो एमएमएस व्यवस्था लागू होने से मस्टरोल में पारदर्शिता,नरेगा उपस्थिति का ऑनलाइन रिकॉर्ड, डेटा एंट्री में लगने वाले समय की बचत, कागजी रिकॉर्ड में कमी सहित श्रमिकों के भुगतान का कार्य शीघ्रता से होगा तथा नरेगा फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।
एमआईएस मैनेजर मयंक श्रंृगी ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रगतिरत कार्यों पर लगाए गए मेट के मोबाइल का रजिस्ट्रेशन नरेगा सॉफ्ट के पीओ लॉगिन से किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद मेट द्वारा प्रतिदिन सुबह 11 बजे से पहले श्रमिकों की उपस्थिति एवं कार्यस्थल का फोटो एमएमएस एप के माध्यम से लेकर मनरेगा सॉफ्टवेयर पर प्रतिदिन अपलोड किया जाएगा। वहीं एमएमएस के माध्मय से श्रमिकों की उपस्थिति पखवाड़े के मध्य से प्रारंभ नहीं की जाएगी। पखवाड़ा प्रारंभ दिनांक से समाप्ति दिनांक तक प्रतिदिन एमएमस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। पंचायत समिति में कम से कम 5 ग्राम पंचायतों में 13 अगस्त से एमएमएस के माध्यम से उपस्थिति लेने का कार्य शुरू किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश की प्रत्येक पंचायतों का चयन किया जाएगा। यहां विधिवत तरीके से एमएमएस सिस्टम लागू किया जाएगा। बाद में धीरे-धीरे सभी पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी। झालावाड़ जिले की आठों पंचायत समितियों में प्रथम चरण में पांच-पांच ग्राम पंचायतों में योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की जाएगी।नरेगा में फर्जीवाड़े पर बड़े पैमाने पर जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक शिकायतें पहुंच रही थी। जिसे लेकर सरकार ने गड़बड़ झाले पर नकेल कसने के लिए यह व्यवस्था लागू की है।योजना के तहत पूर्व में मेटों का रजिस्टे्रशन किया जाएगा।
Published on:
12 Aug 2021 07:29 pm
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