6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

mobile laboratory : पांच साल से कबाड़ हो रही मोबाइल प्रयोगशाला

मौके पर जाकर पानी की जांच कर सकती है

2 min read
Google source verification
Mobile laboratory getting junk for five years

झालावाड़ में जलदाय विभाग के कार्यालय में कबाड़ हो रही मोबाइल प्रयोगशाला।

झालावाड़. जब आप शहर में बालजी की छतरी के पास िस्थत जलदाय विभाग के कार्यालय जाएंगे तो सामने आपको झाडि़यों में पड़ी एक बस दिख जाएगी। वास्तव में यह बस नहीं बल्कि मोबाइल प्रयोगशाला है जो करीब पांच साल से ऐसे ही पड़ी-पड़ी कबाड़ हो रही है। अब तो इसके आसपास झाडि़यां भी उग आई है।
ताज्जुब की बात यह है कि जलदाय विभाग में किसी के पास भी यह जानकारी नहीं है कि आखिर यह कबाड़ क्यों हो रही है। विभाग के जूनियर केमिस्ट संजय मिश्रा ने बताया कि पहले तो इसका संचालन एक फर्म करती थी। तब यह बढि़या काम करती थी। शिकायत के आधार पर मौके पर जाकर पानी की जांच करती थी लेकिन पिछले पांच साल से यह बंद पड़ी है। हालांकि फर्म कौनसी थी, अब कैसे संचालन नहीं कर रही, इन सवालों के जवाब तो मिश्रा के पास भी नहीं थे।
अब पानी की जांच कैसे हो रही
केमिस्ट मिश्रा ने बताया कि विभाग में आने वाली शिकायतों का निस्तारण वे खुद करते हैं। यहां हम पानी की जांच करते हैं। वहीं विभाग के जलाशयों व पाइप लाइनों के पानी की भी समय-समय पर मौके पर जाकर जांच करते हैं।
गंदे व बदबूदार पानी की शिकायतें आम
शहर में गंदे व बदबूदार पानी की शिकायतें आम है। अब इन शिकायतों पर कितना अमल हो रहा है ये तो जगजाहिर है। मोबाइल प्रयोगशाला बंद है तो मौके पर जाकर शिकायतों का पूर्ण निस्तारण भी संभव नहीं है। अभी हाल ही मोची व बसेड़ा मोहल्ला में लगातार गंदा व बदबूदार पानी आने की पीड़ा लोगों ने लगातार बताई है। इस मामले में मिश्रा का कहना है कि हम वहां मौेके पर गए थे और सेंपल लेकर जांच की थी। अब वहां समस्या नहीं है।

इस मोबाइल प्रयोगशाला को एक निजी फर्म ही संचालित करती थी। इसमें पूरा स्टाफ भी उनका ही थी। अब उन्होंने इसे क्यों बंद कर दिया, इस बारे में जानकारी नहीं है। जयपुर से इसकी पूरी जानकारी लेंगे और फिर से चलाने को कहेंगे।
डॉ. अरविंद विजय, एसई, पीएचईडी