
मोर्चरी में अब नही होगी शवों की दुर्गति...
मोर्चरी में अब नही होगी शवों की दुर्गति...
-ड्रीप फीजर लगाए, प्रतिक्षालय बनाया, ओपन पोस्टमार्टम रुम से होगी स्टाफ को राहत
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. राजकीय एसआरजी चिकित्सालय परिसर में स्थित मोर्चरी में अब शवों की दुर्गति नही होगी क्योकि यहां करीब साढ़े दस लाख की लागत से चार ड्रीप फीजर लगाए गए है। पुराने शवों के पोस्टमार्टम करते समय आने वाली परेशानी से राहत के लिए ओपन पोस्टमार्टम रुप का भी निर्माण किया गया है वही मृतकों के परिजनो व कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मी भी अब खुले आसमां की जगह प्रतिक्षालय में बैठ सकेगें। अब परिजनों से विसरे के लिए कंाच का जार व शव को लपटने के लिए चादर भी नही मांगी जाएगी। यह दोनो भी मोर्चरी में उपलब्ध रहेगें।
-यह आती थी परेशानी
जिले में व आसपास के क्षेत्र में घटना व दुर्घटना में मृतकों के शव के पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के मोर्चरी में शवों को लाया जाता है। यहां मोर्चरी परिसर में बने एक कक्ष में शत विक्षत शवों को स्टेंचर पर डाल कर रख दिया जाता था। रात में मोस्टमार्टम नही होने से व लावारिस की शिनाख्त के लिए शवों को मेडिकल कॉलेज के ड्रीप फीजर में पहुंचाना पड़ता था। रात्री में अस्पताल से मेडिकल कॉलेज परिसर तक पहुंचाने में परिजनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
-खराब शव के पोस्टमार्टम से संक्रमण का खतरा
पोस्टमार्टम के लिए कई बार सड़े गले शव भी जाते है, मोर्चरी के एक कक्ष में चिकित्सकों को उनके पोस्टमार्टम करते समय भारी परेशानी व संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए इसके लिए परिसर में ओपन पोस्टमार्टम रुम का भी निर्माण कर दिया गया है। इसमें ऊपर की ओर रोशनदान की जगह चारो ओर लोहे की जालिया लगाई गई ताकि शव की दुर्गंध में परेशानी ना हो।
-अब नही मंगाए जाएगें जार व चादर
पेास्टमार्टम के बाद जहर व अन्य चीजों के लिए मृतको से परिजनों से कांच के जार मंगाए जाते थे व शवों को लपेटने के लिए चादर भी मंगवाई जाती थी लेकिन अब विभाग की ओर से ही इसकी व्यवस्था कर दी गई है। इससें मृतकों के परिजनों को यह सामान के लिए अब बाहर नही भटकना पड़ेगा।
-खुले में खड़े रहते थे परिजन व पुलिसकर्मी
मोर्चरी के बाहर मृतक के परिजन व कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मी धूप व बारिश में खुले में परेशान होते रहते है। कई बार तो पोस्टमार्टम में देरी होने से घंटो इंतजार करना पड़ता है ऐसे में परिजनों का धेर्य जवाब दे जाता था व लड़ाई झगड़े की नौबत आ जाती है। इसके लिए परिसर में ही अब प्रतिक्षालय का भी निर्माण कर लिया गया है इसे भी शीघ्र खोल दिया जाएगा। परिसर में प्रतिक्षालय के निकट ही मुख्य द्वार भी लगाया जाएगा ताकि अनाधिकृत व्यक्ति सीधे ही पोस्टमार्टम रुम में प्रवेश नही कर सकेें।
-सभी सुविधाए उपलब्ध हो जाएगी
मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिंक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार जैन ने बताया कि मोर्चरी में फिलहाल चार ड्रीप फीजर लगाए गए है, ओपन पोस्टमार्टम रुप बना दिया है व प्रतिक्षालय का भी निर्माण हो चुका है। परिसर में शीघ्र ही पौधारोपण कर उद्यान भी विकसित करने की योजना है, इसमें विभिन्न फूलों की किस्में लगाई जाएगी। ताकि शव के पोस्टमार्टम के समय मानसिक तनाव में आने वाले परिजनों को कुछ मानसिक शंाति मिल सकें।
Published on:
02 Sept 2018 11:12 am
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