-1440 मुख्यमंत्री जन आवास का होना था आवंटन
झालावाड़.जिले में गरीब लोगों को स्वयं का घर मुहैया करवाने के लिए तीन साल पहले मुख्यमंत्री जन आवास योजना शुरू की गई थी।
लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते अभी तक गरीबों को आवास मुहैया नहीं हो पा रहे हैं। काम पूरी तरह से ठप होने के चलते समय से पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में गरीबों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जबकि चार साल पहले मुख्यमंत्री जन आवास योजना की लॉटरी में नंबर आते ही इन आवेदकों की बैंक की किश्तें शुरू हो गई थी। ज्यादातर आवास मालिकों ने पूरे पैसे जमा करवा दिए। फिर भी आवास का आंवटन नहीं होने से आवेदकों को दोहरा नुकसान हो रहा है। जो लोग मकान किराए से लेकर रहते हैं उन्होनें किश्ते भी जमा करवा दी और मकान किराया भी देना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है। जबकि आवास की लॉटरी के समय कहा गया था कि दो साल में ही आवास पूर्ण कर दे दिए जाएंगे। लेकिन अभी तक 1440 आवास में से मात्र 384 आवास ही पूर्ण हो पाए है। ऐसे में गरीब लोगों को स्वयं की छत नसीब नहीं हो पा रही है,वहीं गरीबों का बजट बिगड़ रहा है। ऐसे में अब लाभार्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है।
किश्तें पूरी,सपना अधूरा –
शहर में आवास योजना के तहत 1140 आवासों का निर्माण होना था। लेकिन नगर परिषद अभी तक एक भी आवास का आवंटन नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री जन आवास में ईडब्ल्यूएस के फ्लेट की कीमत 3 लाख 90 हजार रुपए है। एलआईजी की कीमत 6 लाख रुपए है। ईडब्ल्यूएस फ्लेट 325 वर्ग फीट पर बनाया गया है। जिसमें एक बेडरूम, 1 ड्राइंग रूम, रसोई घर, शौचालय स्नानागार की सुविधा भी है। इसके अलावा बालकनी भी बनाई गई हे। एलआईजी फ्लैट 500 वर्ग फीट पर बनाया गया है। लोगों द्वारा किश्तें पूरी जमा करवाने के बाद भी उन्हे फ्लेट नसीब नहीं हो रहे हैं।
नल कनेक्शन का इंतजार.
मुख्यमंत्री जन आवास योजना में अभी तक 384 आशियाने दो साल पहले ही बनकर तैयार हो गए है, लेकिन अभी तक नल कनेक्शन नहीं हो पाया है। हालांकि सीवरेज लाइन का काम पूरा हो गया है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जितने मकान पूर्ण हो चुके हैं, उनका तो नगर परिषद को आवंटन करना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आवास में पटवारी द्वारा माप गलत कर दी गई है। इससे पानी की टंकीबनवाने में खासी परेशानी हो रही है। इसके चलते काम अधूरा ही पड़ा हुआ है। सरकारी जमीन के साथ निजी जमीन भी आ रही है।
बिजली की नहीं कोई सुविधा-
नगर परिषद द्वारा लाइट के लिए पैसे जमा करवा दिए है। लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं चढ़ाने से जा ेआवास पूर्ण हो चुके हैं, उनमें भी विद्युत कनेक्शन नहीं हो पाए है।
कई बार कर चुके है शिकायत-
जिन लोगों ने आवास का पूरा पैसा जमा करवा दिया है,फिर भी उन्हे आवंटन नहीं हो रहा है। ऐसे में नगरपरिषद अधिकारियों व जिला कलक्टर को भी कई बार लोग शिकायत कर चुके हैं। सुरेश कुमार व दीपक , योगेन्द्र आदि ने बताया कि उन्होने परिजनों के नाम से फ्लेट में आवेदन किया था। ऐसे में उन्हे मुख्यमंत्री जन आवास योजना-2015 के अंतर्गत नगर परिषद झालावाड़ द्वारा फ्लैट का आवंटन किया गया था, जो कालीसिंध पुलिया के पास बने हुए है। आवास को लेकर पूर्व में बात हुई थी,जिसमें बताया था कि 2021 में आवासों का आवंटन कर दिया जाएगा। लेकिन अभी आवास का आवंटन नहीं किया गया है। पांच साल निकलने के बाद भी नगर परिषद द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।ऐसे में उन्हे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री जन आवास: फैक्ट फाइल
-मुख्यमंत्री जन आवास में कुल आवेदन का निर्माण होना है- 1440
-योजना की कुल लागत-60.54 करोड़, फर्म को भुगतान किया जा चुका 25.24 करोड़
– ईडब्ल्यूएस में 768 में से 372 रूफ लेवल तक हुए है इसमें 192 आवास ही पूर्ण हुए है।
-एलआईजी में 672 आवास में से रूफ लेवल तक 296 का काम हुआ है तथा 192 आवास ही पूर्ण हुए है।
ठेकेदार को करेंगे ब्लैक लिस्ट-
नगर परिषद द्वारा मुख्यमंत्री आवास का निर्माण करवाया जा रहा है।ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट की कार्यवाही शुरु कर दी थी। ठेकेदार ने लिखकर दिया कि मैं दशहरे से पहले ही आवास पूर्ण कर दे दूंगा। वो फिर से काम शुरु कर रहा है। अभी तक तो 384 ही आवास पूर्ण हुए है।
संजय शुक्ला, चैयरमेन नगर परिषद, झालावाड़