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Chandkhedi Tirtha Chandkhedi….मुनिश्री का हाड़ौती की धरती पर रहा विशेष स्नेह : लोकसभा अध्यक्ष

छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव का समापन आज

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Chandkhedi Tirtha Chandkhedi....मुनिश्री का हाड़ौती की धरती पर रहा विशेष स्नेह : लोकसभा अध्यक्ष

Chandkhedi Tirtha Chandkhedi....मुनिश्री का हाड़ौती की धरती पर रहा विशेष स्नेह : लोकसभा अध्यक्ष

खानपुर. अतिशयकारी प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान की पावन धरा चांदखेड़ी पर विराजमान निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में 320 वर्षों बाद पंचकल्याणक महामहोत्सव में रविवार को भगवान के ज्ञान कल्याणक कायक्रम में अखिल भारतीय माहेश्वरी समाज के उपसभापति राजेश बिरला, सकल दिगम्बर जैन समाज कोटा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जीएमए अध्यक्ष राकेश जैन मडिया, कोटा प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश जैन, दिगम्बर जैन समाज कोटा के सहसमन्वयक कमलेश जैन सांवला, जेसीआई कोटा के पूर्व अध्यक्ष सौरभ जैन सहित हज़ारों श्रद्धालु उपस्थित थे आज की धर्म सभा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से लोकसभा के संचालन की वजह से उपस्थित नहीं होने पर असमर्थता जताते हुए अपना संदेश भेजा। जिसका वाचन कोटा सकल दिगम्बर जैन समाज कोटा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश जैन मडिया ने किया। बिरला ने अपने संदेश में कहा कि मुनि श्री के पावन सानिध्य एवं प्रेरणा से देश के अनेकों मंदिरों का कायाकल्प हुआ है। विशेष हाडोती पर मुनिश्री का विशेष आशीर्वाद रहा है। उसी कड़ी में मुनि श्री के पावन सानिध्य में चांदखेड़ी में बह रही धर्म की गंगा में सभी धर्मों के लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाकर अपने मानव जीवन का कल्याण कर रहे है। पंचकल्याणक महोत्सव से सभी का कल्याण होगा ऐसी भावना है। राजेश बिरला ने कहा कि मुनि श्री के स्मरण मात्र से जीवन का कल्याण हो जाता है और आज के पावन दिन पर मुनि श्री के दर्शन का सोभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष हुकम जैन काका, गोपाल जैन ने राजेश बिरला एवं राकेश जैन का मुकुट माला एवं स्मृति चिह्न से सम्मान किया।
पंचकल्याणक महोत्सव आज
खानपुर. कस्बे के चंद्रोदय तीर्थ चांदखेड़ी में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव का रविवार को समापन होगा। शनिवार सुबह ज्ञान कल्याणक महोत्सव के तहत महामुनि आदिकुमार सागर मुनिराज की आहार चर्या, राजा श्रेयांस, राजा सोम के राजमहल में अलौकिक दृष्य का प्रस्तुतिकरण किया। दोपहर बाद मंगलाष्टक, दिग्बंधन, रक्षामंत्र, शांतिमंत्र ज्ञान कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं की। इसके अलावा श्रीजी स्थापना, मंत्रापराधना, अधिवासना, तिलकदान, मुखोद्घाटन, प्राण-प्रतिष्ठा, सूरिमंत्र, सूर्यकला, चन्द्रकला, केवल ज्ञानोत्पत्ति, समवशरण रचना, मुनि द्वारा दिव्य देषना, ज्ञानकल्याणक पूजन व जिनबिम्ब की स्थापना की। शाम को आचार्य भक्ति जिज्ञासा समाधान व सामूहिक आरती व दिल्ली की सत्येन्द्र शर्मा एण्ड पार्टी द्वारा सांस्कृृतिक कार्यक्रम पेश किए। रविवार को मोक्ष कल्याणक के तहत नवप्रभात की नई किरण के साथ भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत से निर्वाण प्राप्ति (मोक्ष गमन) अग्नि कुमार देवों का आगमन, नख-केश विसर्जन, मुनि का प्रवचन, सिद्ध पूजन, मोक्षकल्याणक पूजन, विष्वषांति महायज्ञ, छत्र, चंवर, भामण्डल स्थापन, जिनबिम्ब स्थापना, कलशारोहण, ध्वजारोहण व शाम को सामूहिक आरती के साथ पंचकल्याणक का समापन होगा।

दुर्जन व्यक्ति से कभी सम्मान की कल्पना नहीं करनी चाहिए : सुधा सागर महाराज
खानपुर. दुर्जन व्यक्ति से कभी सम्मान की कल्पना नहीं करनी चाहिए वह अपनी दुर्जनता नहीं छोड़ता, नीम कभी मीठी नहीं हो सकती, दुर्जन व्यक्ति हमेशा रंग में भंग डालता है, जब अच्छा कार्य होगा तभी वह विघ्न डालेगा। हमें भी दुर्जन व्यक्ति से सावधान रहना चाहिए। दुर्जन व्यक्ति की संगति नहीं होनी चाहिए। पंचकल्याणक महोत्सव के तहत आयोजित प्रवचन में निर्यापक पुंगव सुधा सागर महाराज ने कही । महाराज श्री ने कहा पुण्य कर्म के उदय से वैभव प्राप्त होता है। नरक का वास हो जाए पर दुष्ट की संगति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी से डरो या नहीं लेकिन कर्म से डरना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कर्म किए हैं उनका फ ल भोगना पड़ेगा। हमें हमारे कर्मों की अधीनता स्वीकार करनी पड़ती हैए सपेरे की मौत सांप के काटने से ही होती है।