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झालावाड़

jhalawar top news : नई जेल तैयार, कोटा से स्टाफ भी लगाया, फिर भी नहीं कर रहे शिफ्ट

जेल अधीक्षक बोले, आदेश की प्रतिक्षा कर रहे हैं

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अकलेरा. झालावाड़ जिले के अकलेरा नगर के बसोदिया रोड स्थित गुजरी की बरडी़ पर एक साल से नया उपकारागृह भवन बनकर तैयार है। इस भवन का कई बार अधिकारियों ने निरीक्षण भी कर लिया लेकिन इसको शिफ्ट किए जाने में लेट लतीफी हो रही है।
जेल अधीक्षक जगदीश पूनिया ने बताया कि उपकारागृह का 19 मई को विजिट कर सुरक्षा समेत अन्य खामियां का मोके पर जाकर अवलोकन किया था। भवन पूरी तरह कम्प्लीट स्थिति में है और अधिकारियों के दिशा निर्देश मिलते ही इसे लोकार्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदेश मिला तो जून के प्रथम सप्ताह में इसे शिफ्ट कर दिया जाएगा। उपकारागृह के सूत्रों ने बताया कि इस भवन को शिफ्ट कराने के लिए कोटा से एक जेलर, 2 हवलदार व 4 सिपाई लगाए गए हैं जो पिछले 5 माह से शिफ्ट होने के इंतजार में है । अकलेरा उपकारागृह का स्टाफ झालावाड़ जेल में लगा रखा है। करीब 98 क्षमता के विचाराधीन कैदियो के रखे जाने वाले नए भवन में अन्य जेलों की भांति ही 2 कैदी बेरिक, 1 भोजनशाला, 1 मनोरंजन हाल, 1 महिला बेरिक तथा 5 सुरक्षा वाच टावर बनाए गए हैं।

20 अप्रेल को वर्चुअल उद्धघाटन होना था
अकलेरा मुख्यालय पर बने उपकारागृह भवन का 20 अप्रेल को वर्चुअल लोकार्पण होना था लेकिन तकनीकी टाइमिंग सहित अन्य कारणों से इसका लोकार्पण अधर झूल में रह गया तब से इसे शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे है। अधिकारी भी मुख्यालय से संपर्क में है ।

इन खामियों को करना है पूर्ण
जेल के सूत्र बताते हैं कि नए जेल भवन में पीने के पानी के लिए ट्यूबवैल लगाई गई है लेकिन उसमें समुचित पानी उपलब्ध नहीं है । सुरक्षा के रूप में नल फिटिंग नहीं है। सुरक्षा उपकरण, तार खुले हैं, इलेक्ट्रिक वायर अपूर्ण है। इन खामियों को दुरुस्त किया जा रहा है ।


पेशी करने वाहन से आते हैं
अकलेरा में अदालत परिसर में बने जेल भवन को हटाए जाने के बाद से अकलेरा मनोहरथाना सर्किल से आने वाले विचाराधीन कैदियों को वाहन अथवा बस से पेशी पर लाना ले जाना पड़ रहा है जिसमें सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। कई बार झालावाड़ से पूरी बस भरकर लानी पड रही है। रिहाई के लिए भी कोर्ट का आदेश झालावाड़ ले जाना पड़ता है ।

उपकारागृह भवन लोकार्पण के लिए तैयार है। सभी खामियां पूरी हो चुकी है, लेकिन शिफ्ट होने के बाद भी कोई कमी रहेगी तो उसे पूरा कर लिया जाएगा। अगले माह तक इसे शिफ्ट किया जा सकता है।
जगदीश पूनिया, जेल अधीक्षक झालावाड़