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शिक्षा विभाग में चल रहा प्रतिनियुक्ति का खेल: कक्षाएं खाली, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

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Now Babugiri will not work, will have to be taught in schools

शिक्षा विभाग में चल रहा प्रतिनियुक्ति का खेल

राज्य में सत्ता बदलने और नई सरकार के कामकाज संभालने का प्रभाव अब प्रदेश में दिखना शुरू होने लगा है लेकिन जिले में कई नजर नहीं आ रहा है। माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा विभाग और शिक्षा निदेशालय में वर्षो से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों तथा शिक्षकों को रिलीव करने के आदेश जारी करने के बाद भी जिले में कई शिक्षक अभी भी कार्यालयों में लगे हुए हैं।


लंबे समय से देखने में आ रहा था कि शिक्षा विभाग में डेपुटेशन के नाम पर अधिकारियों, कार्मिक और शिक्षक सांठ गांठ कर सालों से मनचाहे स्थान पर लगे हुए है। इतना ही नहीं वेतन शिक्षा विभाग से ही उठ रहा है। जिससे उनके मूल पद रिक्त पड़े हैं और काम प्रभावित हो रहा है। हालात यह है कि व्याख्याता स्तर के अधिकारी छात्रवृत्ति का काम देख रहे है। वही उपप्रधानाचार्य स्तर का अधिकारी शैक्षिक प्रकोष्ठ का काम देख रहे है। कई शिक्षक मंत्रालय कर्मचारियों का काम देख रहे है।


जानकारी के अनुसार कई शिक्षक तो ऐसे हैं जिन्होंने पांच साल में विद्यालयों की शक्ल तक नहीं देखी है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय, अतिरिक्त परियोजना निदेशक समसा, जिले के आठ ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान, उपखंड अधिकारी कार्यालय, अतिरिक्त जिला कलक्टर, जिला परिषद् कार्यालय, डाइट झालरापाटन, पंचायत समिति एवं सांख्यिकी विभाग कार्यालय सहित अन्य विभागों में लंबे समय से लगभग 80 से 90 शिक्षक विभिन्न कार्यालयों में लगे हुए है। जिले में विद्यालयों की स्थिति वैसे ही शिक्षकों के मामले में दयनीय चल रही है। अधिकांश विद्यालयों में प्रधानाचार्य, व्याख्याता,वरिष्ठ अध्यापकों के पद रिक्त चल रहे है। कई जगह तो द्वितीय श्रेणी और तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के पास ही पीईओ का कार्यभार है। ऐसी अव्यवस्था में यदि यह प्रतिनियुक्ति पर लगे शिक्षक अपने मूल पदस्थापन स्थल पर जाते है तो शिक्षा का स्तर और परिणाम में अच्छा रहने की उम्मीद है।


नजदीकी स्कूलों में कराया डेपुटेशन
जिले में बड़ी संख्या में ऐेसे शिक्षक हैं, जिन्होंने अपनी इच्छा के अनुसार अपने घर के नजदीक स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति ले ली। इस कारण देहात के कई स्कूलों में शिक्षकों का टोटा चल रहा है। वहीं जहां प्रतिनियुक्ति कराया है। वहां शिक्षकों की भरमार है। ऐसे में उन दोनों ही स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।


जो शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए है उनका आज ही अपने मूल पदस्थापन स्थल के आदेश जारी किए जाएंगे।
हुकमचंद मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, झालावाड़