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NREGA : साहब के खेत तक जाने के लिए सरकारी खर्च पर बनी सड़क-पुलिया

झालावाड़ जिले में नरेगा एक्सईएन ने किया अपने पद का दुरुपयोग

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पत्नी के नाम है खेत, नरेगा में करवाया सारा काम

जगदीश परालिया/गोविंद शर्मा

झालावाड़. बाड़ ही खा रही खेत इस कहावत को चरितार्थ करने का मामला झालावाड़ जिले में सामने आया है। यहां नरेगा के अधिकारी ने सरकारी खजाने से अपनी पत्नी के नाम खेत तक जाने के लिए सड़क और पुलिया बनवा दी।

नरेगा एक्सईएन केएम वर्मा ने 2021 में बारां-झालावाड़ मेगा हाइवे पर लडानियां गांव में पत्नी निर्मला वर्मा के नाम 7 बीघा जमीन ली है। इस खेत तक पहुंचने के लिए वर्मा ने ग्राम पंचायत खेड़ा के मार्फत सड़क व पुलिया बनवा ली। यह पूरा काम नरेगा के तहत हुआ है। आश्चर्य की बात यह है कि यहां दूर दूर तक कोई आबादी भी नहीं है। जहां सड़क बनाई गई वो जमीन चरागाह की है। यह भूमि खानपुर पंचायत समिति के पटवार हल्का बन्या के अतर्गत मियाडा गांव में है।

गड़बड़झाले की शिकायत पर पत्रिका टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि एक्सईएन को खेत पर जाने में परेशानी हो रही थी। इस पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर ग्रेवल सड़क का निर्माण करवा लिया। बीच में पड़ रहे खाळ पर पक्की पुलिया का निर्माण भी करवा दिया। पुलिया और सड़क इनके ही खेत पर खत्म हो रही है। ग्रामीणों भी मामले का खुलासा होने पर हैरान रह गए। ग्रामीणों को यह बताया गया कि यहां खाल बरसाती (नाले) में बने महादेव मंदिर पर जाने को लेकर सड़क का निर्माण हुआ, जबकि एक्सईएन के इशारे पर खेत तक जाने को लेकर सड़क बनाई गई। ग्राम विकास अधिकारी के अनुसार 6 लाख रुपए का मटेरियल व 3 लाख रुपए मजदूरी में खर्च हुए हैं। बाकी और खर्च का मुझे पता नहीं।

मामला मेरी जानकारी में नहीं है। आप बता रहे हैं तो जांच करवाएंगे। कुछ गलत हुआ है तो निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे।

नरेंद्र सिंह राजपुरोहित, सीईओ, जिला परिषद

ग्राम पंचायत ने तो महादेव मंदिर तक ही सड़क बनाने का प्रस्ताव दिया था। उसके बाद की सड़क तो एक्सईएन साहब ने ही बनवाई है। अपने खेत तक जाने की सुविधा के लिए पुलिया का निर्माण भी करा लिया। इसमें ग्राम पंचायत क्या कर सकती है।

मुकलेश गुर्जर, सरपंच, ग्राम पंचायत खेड़ा

यह पूरा काम ग्राम पंचायत ने करवाया है। वहां से प्रस्ताव आया और मैंने स्वीकृति दे दी। जब मंदिर के नाम पर सड़क का प्रस्ताव आया तो कैसे इनकार कर सकते थे।

के.एम. वर्मा, एक्सईएन, नरेगा, जिला परिषद