
जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या हुई 52
झालावाड़.जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक आंकड़ा 52 तक पहुंच गया है। इसके विपरित मरीजों में लक्षणों को लेकर भी अजीब स्थिति बनी हुई है। यहां एसआरजी चिकित्सालय में कोविड़ उपचारित मरीजों में कोरोना के कोई खास लक्षण ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मरीज सामान्य नजर आ रहे हैं, जबकि इनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव है। जानकार सूत्रों के अनुसार ऐसी स्थिति जहां मरीज को सुरक्षित बनाने के लिहाज से फायदेमंद है, वहीं लक्षण नजर नहीं आने से उपचार में देरी या अन्य में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।जिले में गुरूवार तक 52 मरीज हो चुके हैं। जिले में अभी चार केस एक्टीव है। वहीं भर्ती मरीजों को बुखार आदि लक्षण नहीं है। इसलिए कोरोना संक्रमित होने के बावजूद आम व्यक्ति की तरह नजर आ रहे हैं। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं होती तो कोई यह कह नहीं सकता कि इन्हें कोरोना हुआ है। हाल में ही अकलेरा क्षेत्र का युवा कोरोना पॉजिटिवा आया है लेकिन उसमें किसी प्रकार के कोई लक्षण नहीं आए है। लेकिन स्वप्रेरणा से खुद ने जांच करवाई है।
यह होगा लाभ-
ऐसे मरीजों का शरीर जल्द ही वायरस से लड़ लेगा और अधिक दिनों तक भर्ती रहने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मरीज आसानी से स्वस्थ हो रहे हैं। ऐसे मामलों ऑक्सीजन देने की जरूरत नहीं पड़ती है। अब जिन मरीजों के घर पर अलग से रहने की सुविधा है उन्हें घर पर ही होम आइसोलेट किया जा रहा है। घर ही दवाई दी जा रही है मरीज को स्वयं ही अपने आप लेने की जरूरत है। जानकार चिकित्सकों को कहना है कि अगर किसी को कोरोना संक्रमण हो भी जाता है तो बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, सात दिन तक इलाज देने के बाद मरीज सही हो रहा है। जिले में अभी तक 48 मरीज सही हो चुके है।
यह है खतरा-
यदि किसी व्यक्ति को कोरोना हो गया और लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं या स्वास्थ्य संबंधित कोई समस्या नहीं हो रही है तो जांच करवाने की स्थिति नहीं बनती है। ऐसे में वह अनजाने में ही संक्रमण शरीर में लेकर घूमता है। प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने से मरीज तो स्वास्थ्य हो जाता है, लेकिन जानकारी के अभाव में परिवार व अन्य से मिलने वालों को संक्रमित कर सकता है। इससे संक्रमण फैलने का डर रहता है।
पुराने आ रहे पॉजिटिव-
जिले में मेडिकल कॉलेज की लैब में बुधवार रात को 281 सैंपल की जांच हुई उसमें से 280 नेगेटिव व एक पुराना मरीज पॉजिटिव आया है। वहीं दूसरे लॉट में 36 सैंपल की रिपोर्ट आई उसमें सुनेल का एक मरीज पॉजिटिव आया है। वहीं गुरूवार को प्रथम लॉट में 218 सैंपल की रिपोर्ट आई जिसमें 217 की रिपोर्ट नेगेटिव आई तो झालरापाटन के एक मरीज की प्रथम रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गुरूवार रात को पॉजिटिव आया मरीज 14 मई को इंदौर गया था। उसके बाद सैंपल लिया तो पॉजिटिव आया है।
रैंडम सैंपलिंग ले रहे हैं-
चिकित्सालय विभाग की टीम रैंडम सैंपलिंग ले रहे हैं। इसमें प्रवासी लोगों, इंदौर, पूना, महाराष्ट्र,अहमदाबाद, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, इंदौर से आने वाले लोगो के तथा फं्रटलाइन में काम करने वाले वर्कर में एएनएम, आशा सहयोगिनी, नगर परिषद कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, पॉजिटिव आए मरीजों के परिजनों का 7 दिन में रिपीट सैंपल ले रहे हैं। इनके साथ ही सब्जी, दूध, राशन व कंटेनमेंट जोन आदि से भी सैंपल ले रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से भी 10 टीमें रैंडम सैंपलिंग ले रहे हैं।
स्थाई सैंपल कलेक्शन सेंटर बनाया-
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के रूम नंबर 4 में एक स्थाई कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। यहां आकर कोई भी व्यक्ति कोरोना जांच करवा सकता है। दूसरे दिन आकर रिपोर्ट ले सकता है।
नियमित सैंपल ले रहे -
जिले में नियमित रूप से रैंडम सैंपल ले रहे हैं, 52 में से करीब 50 तो टारगेट वाले मरीज ही है। बाहर से आने वाले मरीजों के नियमित सैंपल ले रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रैंडम सैंपलिंग कर रहे हैं। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार एक दिन पूर्व प्लान बनाकर नियमित सैंपल ले रहे हैं। लोगों को से अपील है कि किसी को भी सर्दी-जुकाम के लक्षण हो तो तुरंत सूचना दे सकते हैं हमारी टीम जाकर सैंपल ले रही है।
डॉ.साजिद खान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, झालावाड़
Published on:
21 May 2020 08:56 pm
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