
नगरपालिका प्रशासन जानकर भी अनजान,नगरपालिका प्रशासन जानकर भी अनजान
झालरापाटन. नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कराने की होड़ लगी है। प्रशासन की उदासीनता के चलते भूमाफियाओं का गौरख धंधा तेजी से फल फूल रहा है।
नगर में वसुंधरा कॉलोनी, बायपास रोड, मारूतीनगर, ट्रांसपोर्ट नगर, भैरूपुरा कच्ची बस्ती, गिन्दौर सहित कई इलाकों में नगरपालिका की खाली पड़ी भूमि, गिन्दौर, एनएच 52 पर पुलिस वन के सामने, पुराने टोल प्लाजा के आसपास, बगदर व बक्सपुरा में वन विभाग की जमीन व ग्रामीण क्षेत्र में चरागाह की जमीन पर भूमाफिया शुरूआत में पत्थर डालकर व पेड़-पौधे लगाकर, चारदीवारी बनाकर अतिक्रमण कर रहे है, और मौका देखकर इन पर धीरे-धीरे एक कमरे, सिंगल मंजिल व डबल मंजिल तक मकान व दुकानें बना रहे हैं।
-प्रभावी लोग शामिल
कई लोग इस तरह से एक अतिक्रमण के मकान व जमीन को बेचकर आगे भी लगातार अतिक्रमण करके अपना गोरख-धंधा चला रहे हंै। उनके इस गोरखधंधे में राजनेतिक रूप से कई रसूखदार लोग, जनप्रतिनिधि व अन्य प्रभावी लोग शामिल हंै, जो उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित कर अपने पद का खुला दुरूपयोग कर रहे हैं।
-सैकड़ों अतिक्रमण हो चुके
नगर में नगरपालिका की भूमि पर इस प्रकार के सैकड़ों अतिक्रमण हो चुके हैं, इससे नगरपालिका को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इनमें से कई अतिक्रमण नगरपालिका के जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों के इशारों पर हो रहे है। जिन्हे देखकर नगरपालिका प्रशासन जानकर भी अनजान बन रहा है।
-कॉलोनियां तैयार कर ली
जिला प्रशासन की उदासीनता व प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से वन भूमि पर कुकर मुत्ते की भांति रोजाना अतिक्रमण बढ़ रहे हैं। एनएच 52 के पास वन विभाग की भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण कर कॉलोनियां तैयार कर ली है और यह सिलसिला लगातार जारी है। इनमें से कई अतिक्रमियों के साथ वन विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत चल रही है।
-शानदार मकान बने
अतिक्रमण का यह लेनदेन का धंधा स्टांप पर ही लिखा पढ़ी कर किया जा रहा है, इसे बाकायदा अतिक्रमी एक दूसरे जने के नाम बेच रहे हैं। नगरपालिका क्षेत्र में अतिक्रमण कर कई शानदार मकान बने नजर आ रहे हैं।
-अतिक्रमण को चिह्नित कराकर इनकी वीडियोग्राफी कर नियमानुसार इन्हें बेदखल करने और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
अनिल पोरवाल, अध्यक्ष नगरपालिका, झालरापाटन
पंचायत की ट्यूबवैल से हो रही फसल में सिंचाई
-उधर पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
खानपुर. उपखंड क्षेत्र की लीमी पंचायत के कड़ीखेड़ी गांव में प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा पंचायत की ट्यूबवैल पर कब्जा कर अपनी फसल में सिंचाई की जा रही है, जबकि गांव में सरकारी स्तर पर पेयजल का कोई अन्य साधन नहीं होने से ग्रामीणों को पेयजल की लिए मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व यहां पंचायत द्वारा ट्यूबवैल खुदाकर विद्युत कनेक्शन कराकर मोटर लगाई थी, लेकिन 5 वर्ष बाद मोटर खराब होने पर गांव के ही रामभरोस मीणा ने ट्यूबवैल पर अतिक्रमण कर पंचायत की मोटर निकालकर स्वयं की मोटर लगाकर खेत में सिंचाई की जा रही है।
-2 में से एक हैण्डपंप खराब
ग्रामीणों ने बताया कि अतिक्रमी का समीप ही 40 बीघा खेत है, जिसमें सरसों, गेहूं व लहसुन की फसल में सिंचाई की जा रह है, जबकि ग्रामीण पेयजल के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। वर्तमान में गांव में 2 हैण्डपंप हैं, इसमें भी एक खराब है। ऐसे में ग्रामीणों को निजी ट्यूबवैलों पर अपने स्तर पर पेयजल का इन्तजाम करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई कर अतिक्रमण नहीं हटाने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गत माह भी ग्रामीणों द्वारा विकास अधिकारी को ज्ञापन देकर ट्यूबवैल को अतिक्रमण से मुक्त करने की मांग की थी।
वहीं विकास अधिकारी सुधीर पाठक ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद गांव में जाकर मौका-मुआयना किया था। अतिक्रमी को 7 दिवस में मोटर निकालने के लिए पाबन्द किया है। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर नई मोटर डालकर सार्वजनिक जलापूर्ति प्रारंभ करने के प्रयास किए जाएंगे।
ओनकॉल ड्यूटी पर आने वाले चिकित्सक रोगी को नहीं संभालते
-सीएमएचओं को नर्सिंग कर्मियों ने समस्याओं से अवगत कराया
झालरापाटन. नर्सेज एसोसिएशन के तत्वावधान में नर्सिंग कर्मियों ने सीएमएचओ से मुलाकात कर उन्हें समस्याओं से अवगत कराकर समाधान की मांग की।
नर्सेज एसोसिएशन जिला संयोजक जाकिर हुसैन मंसूरी की अगुवाई में नर्सिंगकर्मियों ने सीएमएचओ डॉ. साजिद खान से मुलाकात कर उन्हें बताया कि रात्रि कालीन ड्यूटी के समय आपातकालीन एवं वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए नर्सिंग स्टाफ द्वारा कॉल करके बुलाने पर ओनकॉल ड्यूटी पर रहने वाले चिकित्सकों द्वारा रोगियों को नहीं संभाला जाता और नर्सिंग स्टाफ के साथ दुव्र्यवहार किया जाता है। जिले में कार्यरत कुछ नर्सेज जिन्हें विभाग ने अतिशेष बताया है, उन्हें शीघ्र ही समायोजित कर उनके वेतन आहरण के आदेश जारी किए जाए। जिन चिकित्सालयों में चिकित्सकों के पद रिक्त हंै, या चिकित्सकों के अवकाश पर या मीटिंग में रहने से वहां कार्यरत नर्सिंग कर्मी को उपचार करने एवं उपचार पर्ची पर दवा लिखने के आदेश जारी किए जाए। विभाग की और से जारी की द्वितीय श्रेणी नर्स की वरिष्ठता सूची में कई नर्सेज के दस्तावेजों की अनिवार्यता पूरी करने के बावजूद इनका नाम इसमें नहीं जुड़ पाया है उनका संज्ञान लेकर वरिष्ठता सूची में नाम जुड़ाया जाए। नर्सेज के वेतन, एरियर व भत्तों का भुगतान समय पर कराने की व्यवस्था की जाए। कई चिकित्सालय में नर्सेज को नियमानुसार डीओ, सीसीएल नहीं दी जा रही है। वहां चिकित्सा प्रभारियों को यह सुविधा देने के लिए आदेशित किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से शीघ्र ही समाधान कराने का भरौसा दिया।
Published on:
07 Dec 2019 03:35 pm
बड़ी खबरें
View Allझालावाड़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
