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किसानों को प्याज ने रुलाया, 4 से 6 रुपए किलो में बेचने को विवश

मंडी में बेचने पर लागत भी नहीं निकल रही, आढ़तिए कर रहे मोटी कमाई

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प्याज ने रुलाया, 4 से 6 रुपए किलो में बेचने को विवश

प्याज ने रुलाया, 4 से 6 रुपए किलो में बेचने को विवश

झालावाड़. भालता. झालावाड़ जिले में पिछले कुछ सालों से किसानों का रूझान प्याज की खेती की ओर बढऩे लगा है। इस साल प्याज के दामों में भारी गिरावट आई है। इस कारण किसानों को प्याज की खेती में घाटा हो रहा है। किसानों को औने-पौने दामों पर प्याज बेचने को विवश होना पड़ रहा है। किसानों का प्याज मंडियों में 4 से 6 रुपए किलो बिक रहा है। इससे किसान परेशान है। वही मंडियों में आढ़तिए प्याज से मोटी कमाई कर रहे हैं। रिटेलर को 10 से 12 रुपए किलो में बेच रहे हैं। उपभोक्ताओं को मंडियों में प्याज 14 से 16 रुपए बेच रहे हैं।
भालता क्षेत्र के उमरिया, रांकडा, बावड़ीखेड़ा, उपसली, बैरागढ़, मोतीपुरा, महुआखेड़ा जिले के कई गांवों के किसानों ने सामान्य फसलों के अलावा मसाला फसल की बुआई भी की। इस वर्ष बारिश व प्राकृतिक आपदा के बावजूद गेंहू धनिया चना सरसों की पैदावार ठीक हुई, लेकिन मौसम के विपरीत प्रभाव व रोग प्रकोप के कारण प्याज और लहसुन का उत्पादन घटा है। कम उत्पादन के अलावा क्वालिटी बेदम रही।
बारिश में खराब
समय के साथ साथ प्याज का वजन कम होता जाता है बारिश में समस्या बढ़ जाएगी। सरकार प्याज की खरीद करें, जिससे किसानों का प्याज की फसल का उचित दाम मिल सके । गत वर्ष इस समय प्याज के भाव 12 से 16 रुपए थे , लेकिन इस बार प्याज के भाव 4 से 6 रुपए रुपए प्रति किलो है। कृषि पर्यवेक्षक अरविन्द पाटीदार ने बताया कि इस बार क्षेत्र में प्याज का रकबा 50 हेक्टेयर बढ़कर 350 हैक्टेयर हो गया।