
खुले में कचरा जला, जान डाल रहे सांसत में
झालावाड़. शहर के गागरोन रोड पर आरयूआईडीपी द्वारा बनाए कचरा निस्तारण केन्द्र में खुले में सूखा कचरा जलाया जा रहा है। यहां पूरे शहर का सूखा कचरा निस्तारण केन्द्र में निस्तारित किया जाता है।
लेकिन इसको ट्रीट करने एवं निस्तारण के लिए यहां इस कचरे को सिर्फ आग लगाने के सिवाय कुछ नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सुबह से लेकर शाम तक इस कचरे का धुआं यहां लोगों की सेहत खराब कर रहा है।
जानकारों का मानना है कि इस सूखे कचरे को जलाने के पीछे परिषद की क्या मंशा है। इस बारे में कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयारी नहीं है। लेकिन इस कचरे को जलाने के बाद लोगों को होने वाली परेशानी के मामले भी अधिकारियों को जानकारी नहीं है।
इस कचरा निस्तारण केन्द्र के समीप ही फौजलपुरा एवं पीपानंद गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक धुआं होने से यहां बच्चों को परेशानी होने लगी है। वहीं रात्रि को घरों के समक्ष धुएं की परत जमा होने के कारण लोगों को घरों में भी परेशानी होती है।
जलाने का क्या मतलब
जानकारों का मानना है कि इस सूखे कचरे को जलाने के पीछे परिषद की क्या मंशा है। इस बारे में कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयारी नहीं है। लेकिन इस कचरे को जलाने के बाद लोगों को होने वाली परेशानी के मामले भी अधिकारियों को जानकारी नहीं है।
-ट्रीटमेंट पानी कहां जा रहा
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित पानी में लवण व पदार्थों की जांच के लिए लेब बना रखी है। इसमें रोजाना पानी की जांच की जाती है। जिस पानी की जांच की जाती है। इस पानी को फिलहाल नाले में निस्तारित किया जा रहा है। जिस सीवर पानी को ट्रीटमेंट कर निस्तारित किया जा रहा है। ये पानी कहां जा रहा है। इसका जवाब सीवरेज प्लांट में काम कर रहे तकनीकी कर्मचारियों के पास भी नहीं है।
-खुले में कचरा जलाना गलत है इसकी जानकारी करेंगे। लोगों की जान सांसत में नहीं डालने दी जाएगी।
आर.एस.चारण, आयुक्त नगरपरिषद
Published on:
04 Feb 2018 06:34 pm
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