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   परवन वृहद बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना- आधे राजस्थान को मिलेगा पेयजल -रावत

मंत्री ने देखा टनल और निर्माणाधीन बांध, वंचित किसानों ने मांगा मुआवजा झालावाड़.सोजपुर। हाड़ौती की महत्वाकांक्षी परवन वृहद बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के तहत झालावाड़ और बारां जिले में चल रहे निर्माण कार्यों का बुधवार को जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने निरीक्षण किया। झालावाड़ में करीब तीन घंटे तक उन्होंने अकावद कला में परवन […]

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मंत्री ने देखा टनल और निर्माणाधीन बांध, वंचित किसानों ने मांगा मुआवजा

झालावाड़.सोजपुर। हाड़ौती की महत्वाकांक्षी परवन वृहद बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के तहत झालावाड़ और बारां जिले में चल रहे निर्माण कार्यों का बुधवार को जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने निरीक्षण किया। झालावाड़ में करीब तीन घंटे तक उन्होंने अकावद कला में परवन नदी पर निर्माणाधीन बांध व टनल के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माणाधीन बांध स्थल पर बांध के आंशिक डूब क्षेत्र में आ रहे दोलाड़ा मानपुरा के किसानों ने थोड़ी देर नारेबाजी की और उन्हें पूर्ण रूप से डूब क्षेत्र में शामिल करते हुए मुआवजा देने की मांग की।

किसानों का कहना था कि पिछले दो साल से इसकी मांग कर रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्हें 2012 की डीएलसी दर से मुआवजा दिया जा रहा है। इस पर मंत्री ने आश्वस्त किया कि डूब क्षेत्र और प्रभावित किसानों की सभी समस्याओं का समाधान सरकार प्राथमिकता से करेगी। जो वंचित गांव और लोग है, उनका दोबारा सर्वे करवाया जाएगा। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि यह परियोजना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इसका उद्देश्य बारां, झालावाड़ व कोटा जिले के लगभग 2 लाख हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही ६३७ गांवों को पेयजल की भी उपलब्ध कराया जाएगा। खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचने की शिकायत पर मंत्री ने अधिकारियों से पाइपलाइन ठीक करवाने के लिए कहा।

उच्च तकनीक के कारण देरी -

रावत ने बांध के निर्माण की धीमी गति पर कहा कि यह बहुत बड़ी परियोजना है, जिसमें उच्च तकनीकी और इंजीनियरिंग की आवश्यकता होने से समय लग रहा है। रावत ने बताया कि टनल, इंटेकवेल और अन्य संबंधित निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। प्रत्येक 15 दिन में इनकी प्रगति रिपोर्ट मंगवाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं रावत ने कहा कि जहां- जहां भी पाइप खराब हो रहे हैं, उन्हे रिप्लेस करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। जिनको भी मुआवजा मिलना है उन्हे वित्त विभाग से जल्द मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

बूंद-बूंद बचाकर खेती में काम में लें-


रावत ने कहा कि किसान बूंद-बूंद बचाकर खेती में सिंचाई में काम में लें। इससे अधिक जमीन सिंचित हो पाएगी।किसानों की विस्थापन की समस्या भी दूर करने की बात कही।

स्थानीय किसानों को पूरा लाभ मिले


निरीक्षण के दौरान सांसद दुष्यंत सिंह ने कहा कि इस परियोजना से झालावाड़ और बारां जिले के अटरू, छबड़ा और खानपुर क्षेत्रों के किसानों को पूरा लाभ दिया जाएं। उनके लिए अधिक से अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जाएं। इस परियोजना से खानपुर क्षेत्र के वंचित गांवों को भी जोड़ा जाएं। यह परियोजना इन क्षेत्रों के लिए कृषि समृद्धि का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें कार्यकारी एजेंसी, विभागीय अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। दौरे के दौरान विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, कंवरलाल मीणा, गोविंद सिंह रानीपुरिया, कालूराम मेघवाल, ललित मीणा, राधेश्याम बैरवा, पूर्व विधायक नरेन्द्र नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, नरेश सिंह सिकरवार, जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़, बारां जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर भी मौजूद रहे।