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Revenue Department : पटवारियों ने हलकों की जगह तहसील को बनाया ठिकाना

फील्ड में नहीं जाने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी

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Patwaris made tehsil a place instead of circles

पटवारियों ने हलकों की जगह तहसील को बनाया ठिकाना

झालरापाटन. झालावाड़ जिले की झालरापाटन तहसील के कई पटवारियों द्वारा हल्का क्षेत्र में नहीं जाकर सारा कार्य तहसील कार्यालय में बैठकर करने से ग्रामीणों को परेशानी आ रही है। जबकि इनका हल्का स्थित जगह पर रहना जरूरी है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि यह फील्ड में जाते भी हैं या नहीं। तहसील कार्यालय के पीछ स्थित कमरे में लैपटॉप के साथ एक से अधिक पटवारी बैठे रहते हैं। यह सीमांकन, नामांतरण सहित अन्य मसलों पर चर्चा के साथ जरूरी काम पूरा करने के लिए उपलब्ध रहते हैं। ये पटवारी शहर के नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के हैं। यहां अक्सर वहीं लोग आते हैं जो पटवारी के संपर्क में रहते हैं और उनके बुलाने पर ही यहां आते हैं। राजस्व विभाग के नियमानुसार पटवारी को आवंटित हल्के में ही काम करना अनिवार्य है। यहां बैठने वाले पटवारियों के पास बकायदा लैपटॉप व अन्य संसाधन भी हैं। इसके बावजूद यहां पटवारियों की गुफ्तगू दिनभर चलती रहती है।

आम लोगों का हो रहा नुकसान जिस क्षेत्र का पटवारी वहां के लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होगा तो इससे सीधे संबंधित क्षेत्र के लोग प्रभावित होंगे। उन्हें गांव से शहर तक आने के लिए रुपए खर्च करना पड़ेंगे। उनके रोजाना के काम नहीं हो पाएंगे। पटवारियों के एक साथ काम करने की मंशा कई सवालों के घेरे में है। जबकि तहसील कार्यालय में स्वयं तहसीलदार बैठते हैं।

दूसरे हलके में कामकाज निपटाना गलत यदि कोई पटवारी आवंटित हल्के से हटकर दूसरी जगह पर सरकारी कामकाज निपटाता है तो वह सीधे हलके के कामकाज को प्रभावित करता है, जो कि गलत है। राज्य सरकार ने हल्के पटवारियों की क्षमता के हिसाब से बनाए हैं, ताकि वह काम कर सकें।

राजस्व मामलों में पेंडेंसी बढ़ रही पटवारियों के अपने क्षेत्र में नहीं होने से मामलों का तय समय पर निपटारा नहीं हो पाता है। लोग उनसे संपर्क नहीं कर पाते और मामलों की पेंडेंसी बढ़ती है। सीमांकन, खाता विभाजन और अन्य मामलों में पटवारियों की उदासीनता की वजह से ही मामले बढ़ रहे हैं।

झालरापाटन तहसील में 20 हल्के हैं। जिसमें पटवारी को हर माह में सरकारी जमीन की स्थिति के संबंध में भी सर्वे रिपोर्ट देना है, लेकिन कोई पटवारी सर्वे रिपोर्ट नहीं देता है। पटवारी दूसरे हल्के में काम नहीं कर सकते, यह नियम विरुद्ध है। मैंने कुछ दिन पहले ही चार्ज लिया है। मामला संज्ञान में आया है। इसमें जानकारी कर दोषी पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

भरत कुमार यादव, तहसीलदार, झालरापाटन