पिता जी के जाने का दद...र्लेकिन फर्ज भी निभाना था-
इमरान ने बताया कि 30 अप्रेल को सुबह 5 बजे जयपुर ऑक्सीजन लेने के लिए निकला हुआ था, उसी समय फोन आया कि पिता जी का इंतकाल हो गया। शाम को झालावाड़ पहुंचकर जनाजे में शामिल हुआ। रात को सेंटर लाइन में ऑक्सीजन लाइन डलवाकर 10 प्वाइंटचालू करवाएं। पिताजी के जाने का दर्द था, लेकिन इस महामारी ेंमें ऑक्सीजन के अभाव में किसी की जान नहीं जाएं यही कोशिश रहती है। पूरी टीम अच्छे से काम कर रही है। लोगों से अपील है कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद घबराएं नहीं इसका डटकर मुकाबला करें, घबराने से ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत पडऩे लगती है ऐसे में लेवल कम होने पर परेशानी बढ़ जाती है। अपने-आप को अच्छी सोचकर के साथ प्रभू की भक्ति में व्यस्त रखे, आराम करें, डॉक्टर द्वारा बताई दवाइयां समय पर लें, सब ठीक हो जाएंगे।