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चोरी की सूचना देने के बाद भी समय पर नहीं पहुंचती पुलिस

चोरी की सूचना देने के बाद भी समय पर नहीं पहुंचती पुलिस - रात आठ बजे शटर के नीचे से बिक रही शराब

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Police does not reach on time even after informing about the theft

चोरी की सूचना देने के बाद भी समय पर नहीं पहुंचती पुलिस

झालावाड़.पुलिस व जनता के बीच दूरी कम करनेए आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए राजस्थान पत्रिका ने पुलिस और पब्लिक के बीच सीधा संवाद कायम करने की पहल की है। इसी कड़ी में झालावाड़ शहर में बुधवार को कोतवाली पुलिस के साथ वर्चुअल संवाद हुआ। संवाद में कामकाजी महिलाओं ने सहायक पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के सामने अपने सवाल व सुझाव रखे। वक्ताओं का कहना है कि शहर में पुलिस गश्त बढ़े, चोरी की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे ऐसी व्यवस्था करेंएमहिला उत्पीडन व महिला सुरक्षा की जानकारी के लिए सेमिनार का आयाजन करें। बालिकाओं की जानकारी के लिए शिक्षा व पुलिस विभाग मिलकर काम करेंण्ण्ण्। संवाद में कोतवाली क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई और सकारात्मक कानून व्यवस्था के लिए कई सुझाव दिए। जिनका सहायक पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने एक.एक कर जवाब दिया और बेहतर पुलिसिंग देने का वादा किया।

महिलाओं ने खुलकर बताई समस्याएं....


1. कार्यस्थाल पर पहुंचने के दौरान यातायात संबंधी काफी समस्याएं आती है। पुलिस इसके लिए सार्थक पहल करेंए महिलाएं स्कूटी पर कार्यस्थल जाती हैए लेकिन युवा अंधाधूंध कट लगाते हुए ड्राईविंग करते हैं। इससे कई बार महिलाओं के गिरने का डर रहता है।
पूनम रौतेलाएझालावाड़


2. कल रात को हमारे घर तीन चोर आएए पुलिस को फोन कियाए लेकिन पुलिस समय पर नहीं आई पुलिस का गश्त बढ़ानी चाहिए। ऐसी व्यवस्था करें की सूचना मिलते ही पुलिस थोड़ी देर में मौके पर पहुंच जाएं।रात आठ बजे शराब की दुकानें बंद हो जाएंए शटर के नीचे से शराब नहीं बिके।
विभा जैन, झालावाड


3.वेंडर घरों के दरवाजों पर खड़े रहते हैंए इससे काफी परेशानी आती है। मेडिकल कॉलेज के सामने से गल्र्स भी निकलती हैए इससे अनावश्यक परेशानी होती है।
मंजूला विजयए झालावाड़।

4.आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं आगे आए ऐसा कानून बने ताकि महिलाएं स्वतरू आत्मनिर्भर व सुरक्षित हो सकें।
रश्मि जैनए झालावाड़


5. पुलिस कामकाजी महिलाएं व बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के लिए जुड़ो कराड़े का प्रशिक्षण दें। कॉलेज के बाहर पुलिस कर्मी लगाए जाएं बड़ी संख्या में छात्राएं कॉलेज आती है। सीसीटीवी पूरेशहर में लगे और उनकी उचित मॉनिटरिंग होए ताकि छेड़छाड़ या अन्य घटना होने पर तुरंत ट्रेस किया जा सके। मेंटल टोर्चर करने वाले मैसेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएं। जागरूकता कार्यक्रम चलाकर बेहतर समाज बना सकते हैं।
डॉ.सज्जन पोसवाल झालावाड़
6. कई छात्राएं स्कूल से निकल जाती हैए लड़कों के साथ इधर.उधर पार्कों में बैठी रहती है। ऐसे में सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मी पार्कों में निगरानी रखे ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकें।
पूजा सक्सेनाए रजनी सुमन,झालावाड़

7.प्रोब्लम कहां आ रही हैए कौनसा बच्चा हर्ट कर रहा हैए शिक्षा व पुलिस विभाग पहचान कर इस पर काम करें। बालिकाओं व महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कानून की जानकारी देनी चाहिए। शहर में बढ़ रहे शराब व ड्रग्स एडीक्शन पर रोक लगाई जाएं। ताकि गलत एक्टीविटी पर स्वतरू रोक लग सकें।
डॉ.सुषमा पांडे, झालावाड़।

8.कोई भी शिकायत करते हैं तो पुलिस एविडेंस मांगती है। ऐसे में छोटी.छोटी शिकायत करने के लिए भी लोग सोचते है। इसमें पुलिस को सुधान करना चाहिए।
स्वाती विजय झालावाड़


9.चौराहों पर होमगार्ड व पुलिस तैनात रहती हैए लेकिन बैठे.बैठे मोबाइल चलाते रहते हैंए ऐसे में उनके रहने या नहीं रहने का कोई मतलब नहीं रहता है।पुलिस अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
कमल झालाए झालावाड़
10.ट्रॉफिक की बहुत ज्यादा परेशानी हैए मंगलपुरा में कई बार लहराते हुए बाइक चलते युवाओं की गाडिय़ों में कपड़े उलझने का डर बना रहता है। शहर पुराने वाहनों से प्रदूषण बढ़ रहा हैए इसपर रोक लगाने का प्रयास करें।
मालती जैन, झालावाड़

11.गलियों में लड़के बैठे रहते हैए गश्त होए गागरोन आदि पर्यटन स्थलों पर असामाजिक तत्वों के बैठने से बालिकओं व महिलाओं को परेशानी होती है।
लीना सोनी, झालावाड़


12.मेडिकल कॉलेज के सामने रात को चाय की थडिय़ों पर युवा बहुत ज्यादा शोर करते हैंए पुलिस वाच करें।
डॉ.रूचि कुलश्रेष्ठ, झालावाड़

13.राजस्थान पत्रिका ने महिलाओं का पुलिस से संवाद करवा बहुत ही नेक काम किया है।जिस काम को बिना प्रशासन की मदद के नहीं किया जा सकता हैए उसे पत्रिका ने घर बैठे महिलाओं को अपनी परेशानी पुलिस तक पहुंचाने का अच्छा काम किया है। इसके लिए जरूरतमंद व पीडि़त महिलाओं को मदद मिल पाएगी। कानूनी सहयोग के लिए पत्रिका का आभार।इससे बहुत सुधार होगा।
आकांक्षा पाटनी. झालावाड़


14. लड़कियां कोचिंग जाते समय डरती हैए शिक्षण संस्थानों के बाहर पुलिस की गश्त होनी चाहिए।
मिथलेश कश्यप झालावाड़।


15.मुडेंरी की तरफ निकलते है तोलोग खुले में रोड के निकट शराब पीते रहते है, एक्सीडेंट का डर बना रहता है। यहां अवांछनीय तत्वों पर पुलिस रोक लगाएं।
सुनीता माथुर,झालावाड़।

ऐसे दिए महिलाओं के सवालों के जवाब..

-रात को गश्त होती है चोरी होने पर समय पर पुलिस नहीं पहुंच पाई है तो गश्त टीमों में समन्वय किया जाएगा। ताकि कम से कम समय में पुलिस घटना स्थल पर पहुंच सके।
-रात आठ बजे बाद कहीं दुकान के नीचे से शराब बिक रही है तो आप सूचना दें बिना पहचान बताए कार्रवाई होगी।
-सर्विल लेन से अतिक्रमण हटाने का काम नगर परिषद का हैए हम जरूरत पडऩे पर पुलिस जाप्ता उपलब्ध करवाते हैं।
-गांजा व स्मैक बेचने वालों का पता बताएये मैं स्वयं जाकरकार्रवाई करूंगा।
-आत्म सुरक्षा के लिए आवाज अभियान के तहत बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया हैए फिर से प्लान बनाकर प्रशिक्षण देने का कार्य करेंगे।
- साइबर अपराध के मामले जागरूकता से कम किए जा सकते हैंएइसके लिए टीवी व अन्य साधनों में जागरूकता कार्यक्रम देखकर ऐसी घटनाओं से बचें।
- पार्क में लोग बैठे रहते हैए पुलिस हर किसी को टोक नहीं सकती है। फिर भी संग्दिध गतिविधियों की सूचना दें कार्रवाई करेंगे।
- ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। शराब बैचने की अनुमति सरकार देती है इस लिए उसे बद तो नहीं किया जा सकता है।
- मुंडेरी पुलिस पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है तो वहां गश्त बढ़ावा देंगे।
- जिस मामले में मुकदमा दर्ज होता है उसमें ही एविडेंस की जरूरत होती हैए बाकी मामलों में सूचना देने मात्र से ही कार्रवाई होती है।
-मोबाइल फोन पर पुलिस कर्मी लगे रहते है तो यह चिंता का विषय हैए इसे चेक किया जाएगा।ऐसे करते मिलने पर फोन जब्त किया जाएगा।
-ट्रॉफिक कंट्रोल किया जाएगाए कोई भी तेज आवाज में सांउड बजाकर ध्वनि प्रदूषण करता है तो सूचना दें तुरंत कार्रवाई करेंगे।


व्यक्तिगत रूप से भी परेशानी बता सकती है महिलाए...
महिलाएं व्यक्तिगत रूप से मेरे मोबाइल नंबर 9555857662 पर शिकायत कर सकती है। राजस्थान पत्रिका ने नारी शक्ति को एक मंच दिया हैए ताकि वह अपनी परेशानी आसानी से बता सकें। निश्चित रूप से इससे कई तरह के सुधार होंगे।
अमित कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक, झालावाड़।