15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झालावाड़

नैक निरीक्षण की तैयारी, ए ग्रेड के लिए कॉलेज प्रशासन कर रहा दिन रात मशक्कत

राजकीय पीजी कॉलेज में गत एक वर्ष से कड़ी मेहनत की जा रही है। संकाय सदस्यों ने कैंपस को ग्रीन कैंपस में तब्दील कर दिया है। हर खाली जगह पर हजारों की संख्या में छायादार व फूलदार पौधे लगाए गए है।

Google source verification

-20 दिसंबर से होगा निरीक्षण


.राजकीय पीजी कॉलेज में गत एक वर्ष से कड़ी मेहनत की जा रही है। संकाय सदस्यों ने कैंपस को ग्रीन कैंपस में तब्दील कर दिया है। हर खाली जगह पर हजारों की संख्या में छायादार व फूलदार पौधे लगाए गए है। जिनकी देखभाल का जिम्मा भी संकाय सदस्यों ने उठा रखा है। यहां अब हर व्यक्ति रूचि लेकर अपनी जिम्मेदारी से पौधों को पानी देता है तो साफ.-सफाई में भी उतना ही भागीदार बनता है। इसी की बदौलत अब करीब 20 हजार विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रुप से शिक्षा देने वाला कॉलेज नवाचार व श्रेष्ठ प्रबन्धन के दम पर आयुक्तालय तक अपनी विशेष छाप छोड़ रहा है। कॉलेज ने अपने स्तर पर नैक निरीक्षण के लिए पूरी तैयारियां कर ली है, लेकिन सरकार के स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने से नैक निरीक्षण के दौरान मिलने वाले अंकों में कमी का मलाल हो सकता है। क्योंकि पीजी कॉलेज हाड़ौती का सबसे बड़ा कॉलेज है, जहां 4700 से अधिक नियमित छात्र अध्ययन करते है तो शेष स्वयंपाठी छात्र के रूप में अपनी पढ़ाई करते हैं।

दस्तावेजीकरण किया जा रहा-
पत्रिका टीम ने शनिवार को कॉलेज का जायजा लिया तो कॉलेज की पूरी टीम कॉलेज में एनएसएस, एनसीसी,स्काउट व महाविद्यालय की पुस्तकों, संकाय सदस्यों की संपूर्ण जानकारी,परमानंद पुस्तकालय की पुस्तकों को भी ऑनलाइन किया गया,हर तरह के बिल को लिस्टेट किया जा रहा है। महाविद्यालय में हुए कार्यक्रमों व प्रतियोगिताओं की मय नाम के सूची बनाई बनाकर ऑनलाइन अपलोड कर टीम के सामने प्रजेंटेशन के लिए पीपीटी बनाई गई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ मजबूत-
कॉलेज को ग्रीन कैंपस के साथ ही दिवारों पर राजस्थानी पम्परपरा के अनुसार ऊंट व पनिहारी के चित्र उकेरे गए है, कॉलेज भवन पुराना होने से इस पर रंगाई-पुताई करवाई गई है। पूरे कैंपस को ग्रीन कैंपस में तब्दील कर दिया गया है। प्राचार्य कक्ष के पीछे ही रंगमच को पूरा कवर करने का काम किया जा रहा है। जिसमें 500 विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता है। प्राचार्य कक्ष को भी आधुनिक बनाया गया है।

ए ग्रेड की उम्मीद में दिन-रात कर रहे एक-
राजकीय पीजी कॉलेज का निरीक्षण इसी माह होने वाला है। कॉलेज प्रशासन की ओर से पिछले करीब एक साल से नैक टीम के निरीक्षण को लेकर तैयारियां की जा रही है, निरीक्षण के बाद कॉलेज को बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। इससे पहले वर्ष 2017 में हुए नैक मूल्यांकन में पीजी कॉलेज को बी प्लस ग्रेड मिला था,अब कॉलेज प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार ए ग्रेड मिल जाएगी। नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल) की टीम का निरीक्षण 20 दिसंबर से होगा। यदि ग्रेड में सुधार हुआ तो कॉलेज को यूजीसी से अच्छी ग्रांट मिलेगी, जो कॉलेज के ढ़ांचागत विकास के लिए सहयोगी साबित होगी।

शोध में अच्छा काम हुआ-
पीजी कॉलेज में रिसर्च में अच्छा काम हुआ है। यहां अब तक करीब 27 लोग शोध कर चुके है,वहीं वर्तमान में 12 शोध निर्देशक के मार्गदर्शन में 64 शोधार्थी शोध कर रहे हैं। वहीं इस बार एक दर्जन नए शोधार्थी आवंटित हुए है।यूजीसी केयर लिस्ट में 71 पेपर भी पब्लिश हो चुक है। यहां शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के सामने शोधार्थी हर तीन माह में अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करते हैं। वहीं अब सामाजिक मानवीकी मानविकी विभाग के डीन पीजी कॉलेज के प्राचार्य को बनाए जाने पर शोध के क्षेत्र में और अच्छा काम हो रहा है। यहां ऑनलाइन सेमिनार व वेबीनार भी करवाए गए है। अब अलग-अलग तरह के जर्नल्स मंगवाए जा रहे हैं ताकि शोधार्थियों को इनका लाभ मिल सके।

इनकी वजह से मिल सकेंगे नंबर-
-शानदार ऑडिटोरियम बना हुआ है जिसमें 650 लोगों के बैठने की क्षमता है।
– कॉलेज के परमानंद पुस्तकालय में 68 हजार पुस्तकें जो पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड है।
– पूरा कैंपस वाई-फाई है।
– कॉलेज का गत परिणाम 89 फीसदी रहा।
– कॉलेज की बालिका नीलू वैष्णव का प्री आरडी परेड में चयन हुआ जो 26 जनवरी को दिल्ली परेड में भाग लेंगी।

अच्छा काम कर रहे हैं-
कॉलेज में सभी संकाय सदस्य नियमित रुप से अच्छा काम कर रहे हैं। कैंपस को ग्रीन कैंपस बना दिया गया है। शोध के लिए अच्छे जर्नल्स मंगवाए गए है। गत नैक निरीक्षण में रही कमियों को दुरस्त कर लिया गया है। पूरी टीम सुबह से शाम तक मेहनत कर रही है।
डॉ.फूलसिंह गुर्जर, प्राचार्य पीजी कॉलेज, झालावाड़।