झालावाड़.जिले में चार साल पहले हर माह जहां आधा दर्जन मरीज सामने आ रहे थे, वहीं अब एड्स के प्रति लोगों में जागरुकता बढऩे से मरीजों की संख्या कम होती जा रही है। जिले में प्रतिवर्ष पॉजिटिव रोगियों की संख्या घट रही है। हालांकि जिले में बीते ग्यारह महीने में दो दर्जन से अधिक एड्स के नए मरीज सामने आए हैं। इनमें 40 फीसदी महिलाएं हैं। पीडि़तों में 60 फीसदी वे परिवार शामिल हैं जो कि रोजगार की तलाश में दूसरे शहर गए और वहां से संक्रमित होकर लौट आए।
साल 2022 की बात करें तो इस साल भी हर माह में करीब तीन मरीज एड्स के सामने आए है। पीडि़तों की बढ़ती संख्या ने महकमे के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। एड्स को नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। इसके चलते ही लोगों में जागरुकता आ रही है। जनवरी से नवंबर तक जिले में 32 पीडि़त सामने आए हैं।
इतने मरीजों की हो चुकी है जांच-
एसआरजी चिकित्सालय में अभी तक 172398 मरीजों की जांच हो चुकी है। चिकित्सालय के कमरा नंबर 244 में संचालित एआरटी सेंटर पर कोई भी व्यक्ति नि:शुल्क जांच करवा सकता है
पांच में इतने मरीज आए सामने
मरीज वर्ष
2018 72
2019 56
2020 48
2021 40
2022 32
आईसीटीसी में सीडी-4 जांच सुविधा है
एचआइवी कॉउंसलर राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि आइसीटीसी में एचआइवी संभावित की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पीडि़त को सीडी-4 जांच के लिए कोटा मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। आइसीटीसी में (एआरटी)एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध है। एआरटी सेंटर में मरीज का सीडी-4 टेस्ट किया जाता है। मरीजों की पूरी काउंसिलिग की जाती है। सेंटर पर कई एमपी व अन्य जिलों के मरीज भी दवाई लेेने आते हैं। मरीजों में ज्यादातर ट्रक डाइवर व बाहर मजदूरी करने वाले लोग शामिल होते हैं। जो असुरक्षित यौग संबंध बनाते हैं।उन्हे कोई परेशानी होने पर वो दिखाने आते है तब पता चलता है।
ये है एड्स फैलने के कारण-
– एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संंबंध से
– एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने से
– एचआईवी संक्रमित सुई के उपयोग से
प्रदेश में प्रथम स्थान पर-
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में एड्स मरीजों की समय पर जांच व रेकॉर्ड संधारण करने, मरीजों की काउंसलिग करने आदि क्षेत्रों में अच्छा काम होने पर प्रदेश में प्रथम पर रहने पर एसआरजी चिकित्सालय में तैनात काउंसलर राजेन्द्र कुमार शर्मा को राज्य स्तर पर गुरुवार को जयपुर में सम्मानित किया गया।
एसआरजी में जांच की सुविधा-
एसआरजी चिकित्सालय में नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। मरीजों का पूरा रिकॉर्ड संधारण किया जाता है।वर्तमान में सभी मरीज दवाई लेकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाए।
डॉ.योगेन्द्र तिवारी, नोडल अधिकारी,आईसीटीसी केन्द्र, झालावाड़।
मरीजों की भी हो रही जांच-
इसबार एड्स दिवस की थीम इक्वलाइज रखी गई है।विश्व एड्स दिवस पर गुरुवार को सुबह 9 बजे एसआरजी चिकित्सालय में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों की भी ऑपरेशन से पूर्व जांच करवाई जाती है।मरीज चिन्हित होने के बाद उसे समय-समय पर दवाई व मार्गदर्शन किया जाता है।
डॉ.संजय पोरवाल, अधीक्षक, एसआरजी चिकित्सालय, झालावाड़