झालावाड़ जिले के मनोहरथाना उपखंड के टांडा गजवाड़ी गांव का मामला
मनोहरथाना. झालावाड़ जिले के मनोहरथाना उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जावर के गांव टांडा गजवाड़ी में एक 16 वर्षीय किशोर की बीमारी से मृत्यु हो जाने पर शमशान में टीन शेड नही होने से ग्रामीणों ने बारिश थमने का दो घंटे इंतजार करते हुए पेट्रोल डालकर दाहसंस्कार किया गया। इससे पूर्व बारिश के चलते छाते का सहारा लेकर चिता तैयार की गई। गांव में श्मशान में टीनशेड नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पूर्व वार्ड पंच रामबाबू कातोड़िया सहित ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत जावर के गांव टांडा गजवाड़ी में करीब तीन दर्जन कातोड़िया (खातोड़ी) जाति परिवार के लोग रहते है l कृषि भूमि नही होने के कारण सभी मजदूरी कर पेट भरते है। यहां पक्का श्मशान घाट नहीं है, और न ही कच्चे शमशान में टीन शेड है। इस कारण यहां बरसात के समय दाहसंस्कार करने में ग्रामीणों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व वार्ड पंच रामबाबू सहित ग्रामीणों ने बताया कि उनके टांडा गजवाडी में रामविलास पुत्र रामकिशन की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई । यहां बारिश के चलते खुले आसमान के नीचे मृतक किशोर का शव लेकर अंतिम संस्कार करने के लिए शमशान में सभी लोग पहुंचे और बारिश रुकने का इंतजार करते रहे। ऐसे में छाते का सहारा लेकर चिता बनाई गई और पेट्रोल डाल कर दाहसंस्कार किया गया।
मूलभूत सुविधाओं से वंचित
देश आजादी को 68 वर्ष हो गएl देश अमृत महोत्सव मना रहा है और आज भी मनोहर थाना उपखंड क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों के गांवों में मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित हैं। आदिवासी समाज खातोड़ी उर्फ कतोड़िया जाति के लोगों के लिए आज भी शमशान घाट गांव में नहीं बना हुआ है। नहीं कोई ग्राम पंचायत की तरफ से सुविधा की गई है। ग्राम पंचायत जावर के क्षेत्र के गांव टांडा गजवाड़ी में आज भी गांव के लोगों को दाह संस्कार करने में ग्राम वासियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।