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रेलवे स्टेशन: सुविधाओं पर ताले, निर्माण शाखा के भवन के लाइट बोर्ड चोरी, पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं

-दीवारों को भी करदिया गंदा
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झालावाड़

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Hari Singh Gujar

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Updated: 23 Aug 2023, 10:52 AM IST

Railway Station: Locks on facilities, light board of construction branch building stolen, no arrangement for parking

रेलवे स्टेशन: सुविधाओं पर ताले, निर्माण शाखा के भवन के लाइट बोर्ड चोरी, पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं

झालावाड़.जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन बने करीब एक दशक हो गए। यहां रेल सेवाओं में विस्तार हो रहा है। लेकिन सुविधाओं का विस्तार अभी तक नहीं हो पाया है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टेशन पर सबसे ज्यादा परेशानी कैंटिन नहीं होने व जनसुविधाओं पर ताला लगा होने से हो रही है। यहां दुकानें भी बनी हुई है लेकिन उसे भी शुरु नहीं किया जा सका है। पार्किंग संचालन के लिए भी कोई सुविधा नहीं है। प्रतिक्षालयों पर भी ताले लगे हुए है।

एक दशक हो गया स्टेशन शुरु हुए-

झालावाड़ सिटी रेलवे स्टेशन 19 मार्च 2013 में खुल चुका था लेकिन यहां 21 जून 2013 को पहली रेल कोटा-झालावाड़ सिटी पेसेंजर शुरु हुई। इसके बाद लोगों की मांग पर दो साल बाद 5 मार्च 2015 को कोटा-बीना पेसेंजर का होली डे के रुप में झालावाड़ तक विस्तार किया गया। इससे जिलेवासियों को राहत मिली। इसके बाद रेलवे की ओर से जिला मुख्यालय को राजधानी जयपुर से सीधे जोडऩे के लिए 13 मार्च 2019 को कोटा-श्रीगंगानगर सुपर फास्ट एक्सप्रेस को शुरु किया जा रहा है। अब झालावाड़ रेलवे स्टेशन पर तीन-तीन रेलों का ठहराव व आवागमन हो रहा है। इससे यात्रीभार लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में अब सुविधाओं की भी दरकार हो रही है।

कैंटिन की मिले सुविधा-

रेलवे स्टेशन पर दो दुकानें स्थित है, जिनके शटर आज तक नहीं खुल सके। इसी प्रकार अल्पाहार गृह भी निर्मित है लेकिन उसमें भी आज तक कोई सी भी खाद्य सामग्री नहीं बन पाई। रेलवे स्टेशन शहर से दूर वन क्षेत्र के निकट होने से आसपास बाजार व दुकानें भी नहीं बन सकती है इसलिए लोगों को खाने-पीने की चीजों के लिए भूखें रहना पड़ता है। स्टेशन पर वैसे तो महिला व पुरुषों के लिए जन सुविधा घर बने है वहीं दिव्यांगों के लिए भी शौचालय निर्मित किया गया है लेकिन इन तीनों पर ताले लगे हुए है। यात्री टायलेट के लिए परेशान होते रहते है, खासकर महिलाओं को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालाकि पेयजल के लिए वाटर कूलर है लेकिन वह सिर्फ रेल आने के समय ही शुरु किए जाते है। स्टेशन परिसर में पार्किंग संचालन का ठेका नही होने से लोग अपने वाहन आदि परिसर में बेतरतीब खड़े होकर आवागमन में बाधा पहुंचाते हैं, कई बार तो झगड़े की भी नौबत आ जाती है। कई बार इस तरह के झगड़े हो चुके हैं।

निर्माण शाखा का भवन होने लगा बदहाल-

रेलवे स्टेशन के निकट ही रेलवे निर्माण शाखा का भवन बना हुआ है, जिसमें अभी सीमेंट पड़ा हुआ है,लेकिन भवन के गेट, लाइट के बोर्ड, बिजली के तार आदि सामान चोर चुरा ले गए है। निर्माण भवन लोगों के पार्टी करने का अड्डा बना हुआ है, पूरे भवन में चुल्हा जलाने से काला कर दिया है।

खुलवाने का प्रयास किया जाएगा-

झालावाड़ सिटी रेलवे स्टेशन पर जन सुविधाएं बंद है तो उसे खुलवाने का प्रयास किया जाएगा। पार्किंग व कैंटिन के लिए ठेके पर देना चाहते हैं कोई रुचि दिखाएं तो दे देंगे। भवन के सामान चोरी हुए है तो असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। विजय प्रकाश,वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेलवे कोटा।