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नहीं हुआ पासपोर्ट जारी, बाल वैज्ञानिक मनीषा कैसे जाएगी जापान?

गंगधार उपखंड क्षेत्र के छोटे से हसामदी गांव की बाल वैज्ञानिक के लिए जापान जाने की राह आसान नहीं लग रही है। उसे कागजात तैयार करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
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झालावाड़

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Nupur Sharma

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Updated: 3 Oct 2023, 1:59 PM IST

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/झालावाड़/चौमहला। गंगधार उपखंड क्षेत्र के छोटे से हसामदी गांव की बाल वैज्ञानिक के लिए जापान जाने की राह आसान नहीं लग रही है। उसे कागजात तैयार करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पासपोर्ट जारी होने में देरी से उसका मनोबल कमजोर हो रहा है।

गौरतलब है कि 15 वर्षीय बाल वैज्ञानिक मनीषा पुत्री विक्रम सिंह ने राउप्रावि हसामदी में कक्षा 8 वीं में अध्ययन के दौरान गोबर को बिना छुए उसे उठाने का मॉडल तैयार किया था। इसके चलते उसका इंस्पायर अवॉर्ड राष्ट्रीय प्रदर्शनी दिल्ली में चयन होने के बाद साकुरा साइंस हाई स्कूल प्रोग्राम जापान में चयन हुआ था। उसका 5 नवंबर को बाल वैज्ञानिकों के आयोजन में सम्मिलित होना निर्धारित है। इंस्पायर्ड मानक ने 30 सितंबर को वीजा आवेदन के लिए डॉक्यूमेंट मांगे थे, लेकिन पासपोर्ट में हुई देरी के कारण वीजा आवेदन करने में समस्या आ रही है। मनीषा वर्तमान में राउमावि रोझाना में 10 वीं की छात्रा है।

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पासपोर्ट के लिए 19 जुलाई को किया था आवेदन
मनीषा ने पासपोर्ट के लिए 19 जुलाई को आवेदन किया था। वहीं 25 अगस्त को कागजी कार्यवाही पूरी कर दी थी। इसके बावजूद पासपोर्ट स्टेटस पेंडिंग बता रहा है।

विद्यालय परिवार कर रहा प्रयास
छात्रा मनीषा के पासपोर्ट नहीं बनने के बारे में रोझाना विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र गहलोत पिछले सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से व्यक्तिगत रूप से मिले और उनको भी लिखकर दिया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय झालावाड़ व निदेशक शिक्षा विभाग बीकानेर को भी इस संदर्भ में अवगत कर दिया। राउप्रावि हसामदी के अध्यापक राम दयाल छात्रा मनीषा के साथ पासपोर्ट ऑफिस जयपुर भी जा चुके हैं, लेकिन किसी ने भी उन्हें पासपोर्ट ऑफिस में बिना परमिशन अंदर नहीं आने दिया और अंदर आने के लिए ऑनलाइन परमिशन एक महीने बाद तारीख की मिली। सभी कांटेक्ट नंबर पर कॉल किया, लेकिन किसी ने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। अध्यापक मनीषा के साथ सचिवालय भी गए, लेकिन वहां पर भी सभी ने काम एक दूसरे पर टाल दिया। आज तक कोई नतीजा नहीं निकला।
मैंने 19 जुलाई को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। पासपोर्ट ऑफिस से जानकारी दी गई की 15 से 20 दिन में पासपोर्ट बन जाएगा। लेकिन ऑनलाइन स्टेटस में अभी भी पेंडिंग बता रहा है। पेंडेंसी की जानकारी के लिए हमने पासपोर्ट हेल्प डेस्क पर भी फोन लगाया जहां से मुझे रीजनल ऑफिस जयपुर जाने की बात कही। हेल्प डेस्क के बताए अनुसार जब हम पासपोर्ट रीजनल ऑफिस जयपुर गए तो मुझे बिना अपॉइंटमेंट के पासपोर्ट ऑफिस में एंट्री नहीं मिली। जापान दौरे को लेकर मैं काफी उत्सुक थी, लेकिन जिस प्रकार से पासपोर्ट जारी करने में देरी हो रही है। इससे मेरा मनोबल टूटता जा रहा है।-मनीषा कंवर, कक्षा 10 वीं (बाल वैज्ञानिक) राउमावि, रोझाना

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देशभर से 59, राजस्थान से छ: बाल वैज्ञानिकों का चयन
साकुरा साइंस हाई स्कूल प्रोग्राम जापान में 5 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम में देशभर से 59 व राजस्थान से छ: बाल वैज्ञानिक का चयन हुआ है। इसमें मनीषा कुंवर भी शामिल है।