
RFC....राजस्थान वित्त निगम आठ जिलों में शाखाओं पर लगाएगा ताला
झालावाड़. राजस्थान वित्त निगम (आरएफसी) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य राज्य में नए उद्योगों की स्थापना, कार्यशील उद्योगों के विस्तारीकरण एवं नवीनीकरण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, लेकिन वित्त निगम अब उद्यमियों से दूर हो रहा है। आने वाले समय में उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार के उपक्रम आरएफसी से ऋण मिलना मुश्किल हो जाएगा। आरएफसी प्रबंधन आठ जिलों में शाखा कार्यालयों व फेसिलिटेशन सेन्टरों को 30 सितंबर से बंद कर देगा। बंद कार्यालयों को क्षेत्रीय कार्यालयों में विलय किया जाएगा। शाखा कार्यालय बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वित्त निगम के प्रदेशभर में 22 शाखाएं तथा फेसिलिटेशन सेन्टर हैं, जिनके माध्यम से उद्यमियों को सालाना 250 से 300 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद धीमी पड़ी औद्योगिक विकास और उत्पादन की गति के चलते यह आंकड़ा 85 करोड़ तक ही सिमट गया है। ऐसे में आरएफसी प्रबंधन ने कम उपयोगी शाखाओं को बंद करने का फैसला किया है। प्रबंधन का तर्क है कि खर्चों में कटौती के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। झालावाड़, जयपुर, जोधपुर सहित अन्य शहरों में संचालित कार्यालयों को बंद किया जाएगा। आरएफसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अपने परिचालन खर्चों में कमी करने के उद्देश्य से 31 मार्च 20 तक 797 अधिकारियों व कर्मचारियों को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा चुका है। इससे वित्त निगम के खर्चों में करीब 9.71 करोड़ रुपए सालाना कमी आई है। वित्त निगम अपनी स्थापना से 31 मार्च 20 तक कुल 83736 औद्योगिक इकाइयों को 8400.45 करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृत किए हैं। कोटा के उप प्रबंधक अजीतकुमार जैन का कहना हे कि आठ शाखाओं व फेसिलिटेशन सेन्टरों को बंद कर दूसरी शाखाओं में विलय करने के आदेश आ चुके हैं। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बंद शाखा विलय
झालावाड़ कोटा
भरतपुर दौसा
सवाईमाधोपुर कोटा
श्रीगंगानगर बीकानेर
झुंझनूं एफसी सीकर
मकराना किशनगढ़
जोधपुर द्वितीय जोधपुर
जयपुर(उ) जयपुर (से)
Published on:
22 Sept 2021 08:31 pm
बड़ी खबरें
View Allझालावाड़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
