
Raksha Bandhan 2024: रक्षाबंधन का त्योहार 19 अगस्त श्रावण पूर्णिमा सोमवार को मनाया जाएगा। इस बार भद्रा का साया तो रहेगा लेकिन दोपहर 1.31 बजे बाद से दिनभर राखी बांधी जा सकेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित चेतन दाधीच ने बताया कि भद्रा का वास पाताल लोक में होने से यह अशुभ नहीं होता है। इस दिन से पंचक भी लग रहा है। 19 अगस्त को सुबह श्रवण नक्षत्र के बाद धनिष्ठा नक्षत्र लगने के कारण यह राज पंचक होगा और इसे अशुभ नहीं माना जाता है। भद्रा काल में उपाकर्म किया जा सकता है। इस पर रोक नहीं रहती। इस दिन ऋग्वेदी, यजुर्वेदी ब्राह्राण उपाकर्म करेंगे। दोपहर 1 बजे तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। इस दिन श्रवण नक्षत्र, पूर्णिमा और सोमवार होने से सर्वार्थ सिद्वि योग भी बन रहा है। साथ ही व्रत की पूर्णिमा भी इसी दिन रहेगी।
पूरे दिन सर्वार्थ सिद्वि व शोभन योग
इस दिन सर्वार्थ सिद्वि योग एवं शोभन योग भी रहेंगे। यह योग भद्रा काल में होने से अधिक प्रभावी नहीं रहेंगे। सर्वार्थ सिद्वि सुबह 5:53 से 8:10 बजे तक रहेगा। रवि योग सुबह 5:53 से 8:10 बजे तक रहेगा। राखी बांधने के लिए दोपहर 2.06 से रात 8.09 बजे तक सर्वश्रेष्ठ समय रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र, पूर्णिमा और सोमवार होने से सर्वार्थ सिद्वि योग भी बन रहा है। साथ ही व्रत की पूर्णिमा भी इसी दिन की महत्ता और बढ़ाएगी।
बच्चों को भाएगी मैग्नेटिक राखी
प्रदेश में बच्चों के लिए टॉयज राखी, सुपर हीरो, कार्टून कैरेक्टर म्यूजिकल व लाइट वाली राखी के साथ-साथ मैग्नेटिक राखी खास तौर से लाई गई हैं। इसके साथ ही स्टडी मैटेरियल जैसे रबर, पैंसिल, शॉपनर व स्केल वाली राखी भी बच्चों के लिए खास तौर से बनाई गई है जो कि बच्चों को बहुत पसंद आएगी।
Updated on:
30 Jul 2024 12:19 pm
Published on:
30 Jul 2024 12:19 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
