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झालावाड़ शहर में बनेगा रिंग रोड, इकोनोमी को मिलेगा बूस्टरडोज

झालावाड़.राजस्थान बजट 2025 में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रदेश के 15 शहरों में रिंग रोड निर्माण जैसी योजनाओं को मंजूरी दी गई है। राजस्थान में इस नए प्रयोग से शहरी विकास को चार चांद लगेंगे। सड़कों के जाल से इकोनॉमी […]

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झालावाड़.राजस्थान बजट 2025 में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रदेश के 15 शहरों में रिंग रोड निर्माण जैसी योजनाओं को मंजूरी दी गई है। राजस्थान में इस नए प्रयोग से शहरी विकास को चार चांद लगेंगे। सड़कों के जाल से इकोनॉमी भी बूस्टअप होगी। बजट में झालावाड़ शहर के लिए रिंग रोड की घोषणा,जिले के विकास में अहम भूमिका अदा करेंगी। इससे आने वाले समय में कोलाना एयरपोर्ट पर आने वाले लोगों को किसी तरह की जाम की परेशानी नहीं होगी। पूरे रिंग रोड पर करीब 300 करोड़ रूपए का खर्चा आएगा। ये रोड नेशनल हाइर्व 52 से सलोतिया से होते हुए राडी के बालाजी व मुंडेरी होते हुए वापस तीनधार से फोरलेन से जोड़ दिया जाएगा। इससे कोटा या इंदौर से आने वाला व्यक्ति कहीं से भी होकर निकल सकेगा।

इन शहरों के लिए की बजट में घोषणा-

प्रदेशभर के 15 शहरों में रिंग रोड निर्माण होने से ट्रैफिक से राहत मिलेगी। राज्य के विभिन्न शहरों में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए पहले चरण में 15 शहरों में रिंग रोड बनाने की योजना है। इस योजना के तहत झालावाड़,बालोतरा,जैसलमेर, जालौर, सीकर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और डीग सहित कुल 15 शहरों में रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इनकी डीपीआर पर करीब 50 करोड़ रूपए का खर्चा आएगा।

डीपीआर पर करीब 3.33 करोड़ खर्च होंगे-

सूत्रों ने बताया कि जिले में बनने वाले रिंग रोड पर करीब 3.33 करोड़ रूपए खर्च होंगे। इसमें सर्वे के लिए कंसल्टेंट नियुक्ति किया जाएगा। जो तीन तरह से सर्वे कर सरकार के सामने पूरी रिपोर्ट पेश करेगा। इसमें ये भी देखा जाएगा कि किस रोड से कितने किलोमीटर की स्पीड से वाहन चल सकेंगे। जिसमें सबसे कम लागत वाले रोड को फाइनल कर रिंग रोड बनाया जाएगा। जिसमें ये भी देखा जाएगा कि भविष्य में कौनसा रोड ज्यादा फायदेमंद होगा। इकॉनोमी कोबुस्टअप कौने से रोड से मिलेगा।

31 किलोमीटर का होगा रिंग रोड-

जानकारों की माने तो पूरा रिंग रोड करीब 31 किलोमीटर का होगा। रिंग रोड को फोर लेन से कलमंडी कला से कनेक्ट करते हुए सलोतिया,रलायती, झिरनिया, बिलोनिया, रैन बसेरा(किशनपुरिया) राडी के बालाजी रोड होते हुए कोलाना, मंडावर, भंवरिया होते हुए रूपारेल तीनधार से सीधे फोरलेन से जोड़ दिया जाएगा। ऐसे में भारी वाहन सहित बाहर से आने वाले लोग बाहर-बाहर से निकल जाएंगे। बाहर से आने वाले लोग भी बिना किसी ट्रॉफिक जाम के सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच जाएंगे।

इतनी होगी लागत-

पूरे रिंग रोड को बनाने में करीब 300 करोड़ का बजट खर्च होगा। ये राजस्थान सरकार की उद्यमी व इकॉनोमी को बढ़ावा देने के लिए अनूठी सोच है। इससे बाहरी उद्यमी आसनी से जिले तक आएंगे। यहां इंदौर, जयपुर सहित अन्य शहरों से लोग सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचकर अपने गंतव्य तक बिना ट्रॉफिक जाम के पहुंच सकेंगे।

पर्यटन व शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा-

जिले में चारों तरफ से स्मार्ट रोड व रिंग रोड बनने व एयरपोर्ट की सुविधा मिलने से भविष्य में जिले के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बाहर के पर्यटक भी यहां आएंगे तो युवाओं को भी रोजगार मिल सकेगा। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी यहां बाहरी लोग अपने संस्थान स्थापित करने में रूचि दिखाएंगे। ऐसे में कोटा की तरह झालावाड़ भी शिक्षा का हब बन सकेगा।

खानपुर का ट्रॉफिक होगा कम-

15 शहरों के साथ झालावाड़ में भी रिंग रोड बनाया जाएगा। इसके डीपीआर के लिए 50 करोड़ का बजट मिला है। इसे सुकेत के बाद से फोरलेन से जोड़कर गागरोन लेकर मंडावर होते हुए तीनधार से जोड़ा जाएगा। अभी इसमें सर्वे होगा इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि खानपुर का ट्रॉफिक शहर में नहीं आएगा। उसका पूरा दबाव कम हो जाएगा।

मुकेश मीणा, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी, झालावाड़।