झालावाड़. जिले में साढ़े चार माह में 59 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में जा चुकी है। इसमें चिंता की बात ये है कि मृतकों में 90 फीसदी युवा है। पुलिस मुख्यालय ने गत वर्ष सभी राजमार्ग व राष्ट्रीय राजमार्ग पर सर्वाधिक हादसे होने वाले स्थान चिन्हित किए है। झालावाड़ जिले में एक ही ऐसा स्थान है जहां सर्वाधिक हादसे होते हैं। वो है तीनधार से असनावर के बीच।
पुलिस एवं सरकार ने प्रदेश के 28 जिलों में राजमार्ग व नेशनल मार्गों पर सर्वाधिक हादसे होने वाले स्थान चिन्हित कर वहां सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस को सालभर अभियान चलाकर लोगों को जागरुक कर सड़क हादसों में कमी लाने के निर्देश दिए थे। लेकिन पुलिस ने इसकी पालना में कोई कदम नहीं उठाए है। हालांकि मई माह के प्रथम पखवाड़े में एक दिन में अभियान चलाकर 1109 चालान काटकर 11 लाख रुपए वसूलने का काम जरुर किया। लेकिनजागरुकता का कार्यक्रम नहीं चलाया।
जिले में सड़क हादसों की संख्या चिंताजनक है तो वहीं दूसरी ओर यह बात भी सामने आई है कि यातायात नियमों का पालन न करने, हाइवे पर तेज गति से वाहन चलाने से भी हादसे हो रहे हैं। खुद सरकार ने भी माना है कि झालावाड़ जिले में तीनधर से असनावर डूंगरगांव के बीच अत्यधिक सड़क हादसे होते है। झालावाड़ जिले में करीब आधा दर्जन ब्लैक स्पॉट माने गए है। जहां पर सड़क दुर्घटनाएं होती है, ऐसे में पुलिस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर सड़क हादसों में कमी ला सकती है।
तेज रफ्तार ले रही जान-
सख्ती नहीं होने से लोग बिना हेलमेट व लाइसेंस के ही दुपहिया वाहन दौड़ा रहे हैं। ब्लैक स्पॉट की गहन स्टडी करने पर सामने आया है कि सबसे ज्यादा हादसे शराब के नशे में वाहन चलाने व तेज स्पीड के कारण हो रहे हैं। आईरेड के आंकड़ों में भी सामने आ चुका है कि जिले में तेज रफ्तार से वाहन चलाने से हादसे हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा हादसे बाइक के तेज रफ्तार से चलाने से होना सामने आया है। तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर टे्रक्टर चालकों के अप्रशिक्षित होने से हादसे ज्यादा हो रहे हैं। इस पर भी पुलिस को पाबंदी लगाई जानी चाहिए।
जिले में थानावार हादसों में मौत-
थाना मौत
अकलेरा 10
झालरापाटन सदर 6
मंडावर 6
असनावर 5
बकानी 2
भालता 1
भवानीमंडी 2
डग एक
गंगधार दो
जावर एक
झालरापाटन 3
खानपुर 2
कोतवाली 3
मिश्रोली 2
पिड़ावा 4
रायपुर 2
रटलाई 3
सुनेल 2
उन्हेल 2
तीन साल में हुए हादसे
वर्ष कुल हादसे मौत गंभीर घायल
2021 334 131 44
2022 431 159 76 2023 मई तक 247 59 188
-वहीं जिले में गत वर्ष 159 लोगों की मौत तथा 498 लोग घायल हुए थे
इस तरह हादसों में कमी लानी थी पुलिस को
-पुलिस को अभियान चलाकर कार्रवाई के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरे का उपयोग करें।
– अभियान में सीएलजी सदस्यों को साथ लें।
– परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करें।
– हैंड हेल्ड स्पीड गन इंटरसेप्टर का अधिकाधिक उपयोग करें।
– बे्रथ एनालाइजर का उपयोग करें।
– चेकिंग के दौरान जवान रिफलेक्टिव क्रॉस बेल्ट व बेरिकेट्स का उपयोग करें।
20 दिन में हुए तीन बड़े हादसों में दो-दो की मौत
केस एक-
जिले में तीनधार के पास बेटियों की शादी का कर्जा चुकाने जा रहे पति-पत्नी को 6 मई को लोक परिवहन की बस ने टक्कर मार दी इससे बकानी थाना क्षेत्र के महेशपुरा निवासी गिरधारी व उसकी पत्नी सीताबाई की मौके पर ही मौत हो गई। अब परिवार में इकलोता बेटा बचा।
केस दो-
मंडावर थाना क्षेत्र के मेगा हाइवे पर 15 मई को ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें बंटी(23) व अर्जुन उर्फ कल्लू बंजारा (34) निवासी धनवास की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।
केस तीन-
18 मई को जिले के असनावर थाना क्षेत्र में दो मेडिकल छात्रों की बाइक खड़े ट्रक में घुस गई। जिसमें चूरू निवासी प्रवीणसिंह (21), हनुमानगढ़ जिले के रावतसर निवासी प्रशांत (21) की मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर से सीधी बात
सवाल:पुलिस मुख्यालय से सड़क हादसों में कमी लाने के गत वर्ष सालभर अभियान चलाना था, जिले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही
जवाब: ऐसा नहीं है, जिले में लगातार एमवीएक्ट में कार्रवाई हो रही है, हमारे पास नफरी की कमी है व बॉडीवार्म कैमरे भी नहीं है, ब्रेथ एनालाइजर तो हो रहा है।
सवाल: जिले में युवा तेज रफ्तार बाइक चला रहे है
जवाब: ऐसे युवा जो 18 साल से कम के है और तेज बाइक चला रहे है उनके खिलाफ जल्द हर थाना स्तर पर अभियान शुरु करेंगे
सवाल: लोग बिना हेलमेट के तेज स्पीड में बाइक चला रहे हैं, मृतकों में 80 फीसदी युवा ही है कैसे जागरुक कर रहे
जवाब: दुपहिया वाहन मास्टली युवा ही चलाते हैं, कार आदि भी युवा ही ड्राइव करते हैं उन्हे सीट बेल्ट व हेलमेट लगाना चाहिए, ताकि हादसे होने से फेटल होने की संभावना कम हो जाती है। अच्छा रोड देखते ही युवा तेज स्पीड में वाहन चला रहे हैं इससे भी ज्यादा हादसे हो रहे है।
सवाल: लोग बिना हेलमेट के ही साधन चला रहे हैं, पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही
जवाब: ऐसा नहीं है, पुलिस बिना हेलमेट के 1000 का चालान काट रहे हैं, सबसे ज्यादा कार्रवाई ही एमवीएक्ट में हो रही है।