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झालावाड़

रोडवेज खटारा बसों में करा रहा सफर, तीन साल से नई की उम्मीद

- ग्रामीण क्षेत्रों मेें ज्यादा परेशानी एक्सक्लूसिव

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झालावाड़.राजस्थान रोडवेज अपने यात्रियों को खटारा बसों में सफर करवा रहा है। इन दिनों राजस्थान रोडवेज गंभीर स्थिति से जूझ रही है। बसों की कमी के चलते अवधि पार बसों को सड़क पर दौड़ाया जा रहा है। हालात ये है कि कई बसें तो कंडम घोषित होने की स्थिति में है फिर भी उनसे यात्रियों को सफर करवाया जा रहा है,जब निगम के अधिकारियों से इस बारे में बात की उन्होंने कहा कि क्या करें बसें व मैन पावर की बेहद कमी है, जो है उन्ही से काम चला रहे हैं। कई बसें तो मरम्मत के अभाव में राजस्थान रोडवेज की वर्कशॉप में खड़ी है,जिनमें इंजन के पाट्र्स तक नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में तीन बसे पाट्र्स के अभाव में कई दिनों से खड़ी है। वर्तमान में झालावाड़ डिपो में 49 ही बसे है, जबकि जिले की जनसंख्या के हिसाब से 90 से अधिक बसों की आवश्यकता है। ऐसे में बारिश के सीजन में कई बसों में कांच व छत से पानी टपकने से परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। दो बसे कंडम घोषित- राजस्थान रोडवेज की कई बसों में कार्य समय पर नहीं होने से खटारा बसों में ही हिचकोले खाने को मजबूर है। रोडवेज की दो बस 1191 व 1205 के पाट्र्स नहीं मिल रहे है, ऐसे में ये बसें कंडम घोषित कर दी गई है। मरम्मत पर लागत बहुत ज्यादा आने से अब इन्हे संैन्ट्रल वर्कशॉप भेजा जाएगा।

ये पाट्र्स के अभाव में खड़ी-

राजस्थान रोडवेज की बस नंबर 1243,1206,1215 रिपेयरिंग के अभाव में खड़ी है। इन बसों में इंजन पंप, गियर बॉक्स, स्टेरिंग बॉक्स सहित कई सामान खराब होने से ये खड़ी है। समय से पाट्र्स आएं तो ये बसें झालावाड़ की सड़कों पर दौड़े। वहीं प्रदेश की बात करें तो रोडवेज के बेड़े में शामिल 28 सौ बसों में से 12 सौ बसे अवधि पार हो चुकी है। इन्हें एक अप्रेल को बेड़े से हटाना था। लेकिन परेशानी ये है कि इन बसों को बेड़े से हटा दिया जाए तो महज 16 सौ बसें ही बचेगी। ऐसे में यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना होगा।

8 लाख किलोमीटर चल चुकी है-

नियमों के मुताबिक 8 लाख किलोमीटर या 8 साल पूरे होने पर बसों को बेड़े से हटा लिया जाता है। करीब 12 सौ बसों के 8 लाख किलोमीटर भी पूरे हो चुके है और 8 साल भी। झालावाड़ में भी आधा दर्जन बसों को चलाया जा रहा है। कब मिलेगी नई बसें रोडवेज में 560 बसों की खरीद की प्रक्रिया पिछले तीन साल से चल रही है। लेकिन अभी तक नहीं मिलने से झालावाड़ जिले को मिलने वाली बसे भी नहीं मिल पा रही है।

फैक्ट फाइल: रोडवेज डिपो

-रोडवेज बेड़े में कुल बसे-59

– राजस्थान रोडवेज की बसे- 49

– अनुबंधित बसे- 10 –

नई बसों की जरुरत -35

– परिचालक 62 है, करीब 81 चाहिए

– 19 हजार किमी का लक्ष्य प्रतिदिन,संसाधन के अभाव में17 हजार की पूरे हो कर पा रहे

-राजस्व लक्ष्य 8 लाख 20 हजार, मिल रहा करीब 6 लाख

– परिचालकों की कमी के बावजूद 5 परिचालकों का ट्रांसफर अन्य डिपो में दो दिन पहले कर दिया एकाध आती है

– पिड़ावा आदि क्षेत्रों में रोडवेज की बसे नहीं आने से बहुत ज्यादा परेशानी आती है। एकाध आती है वो भी बहुत पुरानी है। सरकार को नई बसे भेजनी चाहिए। पुरानी बसों में बारिश में बहुत परेशानी आती है। हरकचन्द यात्री, झालावाड़।

51 ही चल रहे है- रोडवेज बसों का संचालन बड़ी मुश्किल से कर रहे हैं, संसाधन बहुत कम, बसे बहुत कम है। 70 शिड्युल थे उसमें से 51 ही चल रहे है। निगम से चालक व परिचालकों की मांग की है। एक रिटायर्ड व 5 का ट्रांसफर होने से और ज्यादा परेशानी आ रही है। सामान व नई बसों के लिए मुख्यालय डिमांड भेज रखी है। अतुल यादव, रोडवेज चीफ मैनेजर,झालावाड़