
संत पीपाजी पैनोरमा के लिए खर्च कर दिए दो करोड़, अब कोई पूछता भी नहीं
झालावाड़. शहर के नजदीक लोगों को संत पीपाजी के बारे में जानकारी देने के लिए बनाया गया पीपाजी पैनोरमा रात होते ही अंधेरे में डूब रहा है। इतना ही नहीं अंधेरे का फायदा उठाकर यहां समाज कंटक घुस जाते हैं और यहां लगी खिड़कियों की जालियां व अन्य सामग्री चोरी कर ले जाने लगे हैं। दिन में एक गार्ड की तैनाती की हुई है, लेकिन रात को यहां सन्नाटा पसर जाता है। इसके चलते यह स्थान रात को नशेडिय़ों के लिए भी अच्छा स्थान बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार संत पीपाजी पैनोरमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन रात के समय परिसर में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा पसरा रहता है। अंधेरे का फायदा उठाकर यहां नशेड़ी दीवार फांदकर अंदर आ जाते हैं।
खिड़कियों से चोरी हुई जालियां
रात के समय यहां कोई नहीं रहने और अंधेरे के चलते चोर खिड़कियों में लगी जालियां निकालकर ले गए हैं। यहां एक गार्ड तैनात किया हुआ है, लेकिन शाम के बाद यहां कोई नहीं रहता। इसके चलते यहां चोरियों का खतरा बढ़ गया है।
दो करोड़ की आई थी लागत
संत पीपाजी पैनोरमा का निर्माण वर्ष 2018 में हुआ था। उस समय इसके निर्माण पर दो करोड़ रुपए की लागत आई थी। इसमें कांस्य की मूर्तियां लगी हुई है। जिसके माध्यम से संत पीपाजी का जीवन के बारे में बताया गया है, लेकिन सुरक्षा के अभाव में हर समय चोरी का खतरा बना रहता है।
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पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए संत पीपाजी पैनोरमा का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके निर्माण के बाद विभाग इसे भूल गया है। न तो कोई कार्यक्रम आयोजित होते हैं और न ही कोई सुरक्षा और साफ सफाई की व्यवस्था है।
- ओम पाठक, सदस्य, जिला पर्यटन विकास समिति।
Published on:
29 Dec 2022 08:52 pm
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