6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घटिया कोयले से कालीसिंध थर्मल की दूसरी यूनिट ठप, करोड़ों का फटका

- खराब व गीला कोयला आने से थर्मल की यूनिट बार-बार मार रही ट्रिप

2 min read
Google source verification
Second unit of Kalisindh Thermal stalled due to substandard coal, cror

घटिया कोयले से कालीसिंध थर्मल की दूसरी यूनिट ठप, करोड़ों का फटका

झालावाड़. प्रदेश के बिजलीघर पहले की कोयले की कमी से जूझ रहे थे। अब कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट कोयले में घटिया कोयले की आपूर्ति से कालीसिंध थर्मल की दूसरी यूनिट मंगलवार सुबह ठप हो गई। ऐसे में कालीसिंध थर्मल की यूनिट के बार-बार ट्रिप मारने से मशीनरी को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं रेलवे को भी काफी डेमरेज चुकाना पड़ रहा है। ऐसे में कोल माइंस से आ रहा खराब व गीला कोयला कोल यार्ड में भी खाली नहीं हो पा रहा है। काली सिंध थर्मल की दोनों यूनिट चला पाना संभव नहीं हो पा रहा है,बार-बार ट्रिप मारने से दूसरी यूनिट को मरम्मत के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे 36 घंटे के लिए बंद करनी पड़ी। खराब कोयले की वजह से थर्मल की आठों मिल्स में कोयला फंस रहा है। ऐसे में उत्पादन भी पूरा नहीं हो पा रहा है। 600 मेगावाट की जगह 400 मेगावाट पर ही थर्मल चल पा रही है। उसमें भी काफी परेशानी आ रही है। सूत्रों ने बताया कि माइंस से ही कोयला घटिया व बहुत ज्यादा गीला आ रहा है। रास्ते में बारिश आने से ओर ज्यादा गीला हो रहा है। इससे भी ज्यादा परेशानी आ रही है।
एक सप्ताह से घटिया कोयला-
जिले के कालीसिंध थर्मल में एक सप्ताह से घटिया कोयला आने के बाद भी जयपुर में बैठे अधिकारी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि कालीसिंध थर्मल प्रशासन ने जयपुर में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। उसके बाद भी घटिया कोयले में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। जबकि ऊर्जा निगम से पैसे उतने ही लिए जा रहे हैं।

थर्मल को लग रहा लाखों रुपए का डेमरेज-
गीले कोयले की वजह से थर्मल को लाखों रुपए अतिरिक्त डेमरेज लग रहा है। एक रैक को खाली होने में करीब 5 घंटे का समय लगता है। लेकिन इन दिनों 10-12 घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में करीब 6 घंटे अधिक का डेमरेज रेलवे को थर्मल को चुकाना पड़ रहा है। ऐसे में प्रतिघंटा 10 हजार रुपए का डेमरेज लग रहा है। ऐसे में एक रैक में करीब 60 हजार रुपए का डेमरेज अतिरिक्त लग रहा है। ऐसी स्थिति में पैनल डेमरेजभी लग सकता है। ऐसे में घटिया कोयले की वजह से थर्मल को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। कोयला इस तरह से गीला है कि खाली करने वाली बेल्ट में बार-बार फंस रहा है, जिसे मैन्यूअल ही निकलने में आधा से एक घंटे का समय लग रहा है। ये समस्या बार-बार आ रही है।

चार गुणा बढ़ी ऑयल की खपत-
कालीसिंध थर्मल में इन दिनों कोयला बेहद खराब किस्म का और गीला आने से बायलर का तापमान मेंटेन करने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गीला कोयला आने से ऑयल गन लगानी पड़ रही है, बहुत महंगा ऑयल की खपत हो रही है। कालीसिंध थर्मल की यूनिट ट्रिप मारने से बिजली उत्पादन ठप हो रहा। अधिकारियों को पूरे समय मॉनिटरिंग करनी पड़ रही है। सूत्रों ने बताया कि अगर ऐसा ही कोयला आता रहा तो कुछ ही समय में एक नंबर यूनिट में भी बड़ा नुकसान हो सकता है।

36 घंटे के लिए बंद की गई-

हां दो नंबर यूनिट मरम्मत के लिए मंगलवार को 36 घंटे के लिए बंद की गई है। बार-बार ट्रिपिंग से परेशानी आ रही थी। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। कोयला को अभी खराब ही आ रहा है। इससेउत्पादन पर तो असर होता है, यूनिट भी फुल लोड पर नहीं चल पा रही है।
केएल मीणा, चीफ इंजीनियर, कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट।