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नए साल में शादियों के सीजन में भी नहीं बजेगी शहनाई

24 साल बाद ऐसा योग, मई-जून में नहीं एक भी सावा

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Shehnai will not be played even during the wedding season new year

24 साल बाद ऐसा योग, मई-जून में नहीं एक भी सावा

बैंड, बाजा और बारात की रौनक अगले सप्ताह से थम जाएगी। इससे पहले जिले में सैकड़ों जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधेंगे। वर्ष 2024 में इस वर्ष की अपेक्षा चार दिन विवाह मुहूर्त कम होंगे। खास बात यह है कि 24 वर्ष बाद मई और जून में एक भी दिन विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। इसकी वजह दोनों महीनों में शुक्र ग्रह का अस्त होना है।


ज्योतिषाचार्य प्रफुल्ल जोशी ने बताया कि शुक्र उदित होने के बाद जुलाई में ही विवाह मुहूर्त शुरू होंगे। ऐसी स्थिति वर्ष 2000 में भी बनी थी, तब भी मई और जून में कोई विवाह मुहूर्त नहीं था। वर्ष 2023 में 81 दिन विवाह मुहूर्त थे, जबकि आगामी नए साल में 77 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। सबसे ज्यादा शादियों के मुहूर्त फरवरी में 20 दिन रहेंगे।


16 दिसम्बर से लगेगा धनु मलमास
ज्योतिषाचार्य के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थी पर 16 दिसम्बर को धनु मलमास शुरू हो जाएगा, जो पौष शुक्ल तृतीया पर 14 जनवरी तक रहेगा। इसके बाद फिर से शादी एवं अन्य मांगलिक कार्य शुरू होंगे। मलमास में शादियों और अन्य शुभ कार्यों पर विराम रहेगा। 14 फरवरी को बसंत पंचमी पर शादियों का अबूझ सावा माना है लेकिन, अश्विनी नक्षत्र रहेगा। इस नक्षत्र में शादी करना शुभ नहीं है। दस मई को अक्षय तृतीया (आखातीज) पर शुभ ग्रह अस्त होने के कारण शादी का मुहूर्त नहीं रहेगा। 28 जून को शुक्र ग्रह उदय होने के बाद शादियां शुरू होगी।


कब-कब गुरु व शुक्र होंगे अस्त
ज्योतिषाचार्य के अनुसार विवाह के लिए शुक्र व गुरु ग्रह का उदित रहना जरूरी है। दोनों ग्रह विवाह के कारक हैं। इनके अस्त रहने पर विवाह नहीं होते हैं। वर्ष 2024 में 23 अप्रेल से 29 जून तक शुक्र अस्त रहेगा। छह मई से गुरु ग्रह भी अस्त हो जाएगा, जो दो जून को उदित होगा। लेकिन शुक्र अस्त ही रहेगा इस कारण से मई व जून माह में विवाह नहीं हो सकेंगे।


आगामी विवाह मुहूर्त
-दिसम्बर 2023 में 9, 10, 13, 14, 15 (5 दिन)
- जनवरी 2024 में 16, 17, 20 से 22, 27 से 31 (10 दिन)
- फरवरी में 1 से 8, 12 से 14, 17 से 19, 23 से 27, 29 (20 दिन)
- मार्च में एक से सात,11 और 12 (9 दिन)
- अप्रेल में 18 से 22 (5 दिन)
- जुलाई में 3, 9 से 15 (8 दिन)
- अक्टूबर में 3, 7, 17, 21, 23, 30 (6 दिन)
- नवंबर में 16 से 18, 22 से 26, 28 (9 दिन)
- दिसम्बर में 2 से 5, 9 से 11, 13 से 15 (10 दिन)