12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झालावाड़

Drugs Supplier : झालरापाटन में पकड़ी 24 लाख रुपए की स्मैक

243 ग्राम स्मैक व 50 ग्राम स्मैक के साथ आरोपी गिरफ्तार

Google source verification

झालरापाटन. शहर थाना पुलिस ने एक जने को गिरफ्तार कर इसके पास से 243 ग्राम स्मैक व 50 ग्राम स्मैक में मिलाने का टांका बरामद किया। जिला पुलिस अधीक्षक रिचा तोमर ने बताया कि थाना अधिकारी बजरंग लाल मीणा व जिला स्पेशल टीम प्रभारी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम सदस्य हेड कांस्टेबल गौतम चंद, सीताराम, बाबूलाल स्वामी व उमंग स्वामी ने सोमवार रात गश्त के दौरान गिंदौर तिराहा रेलवे पुलिया के पास से घाटोली थाना क्षेत्र के गांव पालखंदा निवासी गोलू तंवर को गिरफ्तार उसके पास से अवैध मादक पदार्थ बरामद किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बरामद स्मैक का अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य 24 लाख रुपए है।

अवैध हथियार उपलब्ध करवाने वाला आरोपी गिरफ्तार

असनावर. थानाक्षेत्र के भीमसागर बांध में करीब एक वर्ष से अधिक पहले मछली मारने को लेकर मछुआरों के दो गुटों में हुई बहुचर्चित फायरिंग की वारदात में अवैध हथियार उपलब्ध करवाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि कांसखेड़ली गांव के समीप भीमसागर बांध के किनारे 31 मई की रात को मछली ठेके के विवाद को लेकर हुई फायरिंग की घटना में भोपाल निवासी कमल किशोर मछुआरे की मौत हो गई थी। वहीं घटनास्थल से घने जंगल में फरार हुए भोपाल के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार मलिक जंगल से अचेत अवस्था में मिलने के बाद झालावाड़ एसआरजी अस्पताल में मौत हो गई थी। असनावर थानाधिकारी राजकुमार ने बताया कि मृतक कमलकिशोर के भाई भोपाल निवासी जुगलकिशोर ने रिपोर्ट दी थी कि कमलकिशोर मुख्तार मलिक के साथ भीमसागर बांध पर गया था। उसी समय थानाक्षेत्र के गांव कांसखेडली निवासी अब्दुल बंटी (35) पुत्र अब्दुल हफिज व उसके साथियों ने फायरिंग की जिसमें उसके भाई कमलकिशोर की मौत हो गई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरु किया था। इस घटना में अब्दुल बंटी व उसके साथियों को अवैध हथियार देशी कट्टा एवं कारतूस उपलब्ध करवाने वाला अभियुक्त सुकेत निवासी शफीक उर्फ वजीर पुत्र मोहम्मद सुलेमान घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। पुलिस ने शफीक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जिसे न्यायालय ने पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। शफीक उर्फ वजीर को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में सत्यनारायण, सियाराम एवं अमजद की विशेष भूमिका रही।