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सोलर को मिलेगा बढ़ावा, पैनल का भुगतान भी सरकार करेगी, 150 यूनिट बिजली नि:शुल्क देगी

– 1.1 किलोवाट क्षमता का भुगतान बतौर सब्सिडी किया जाएगा झालावाड़.प्रदेशवासियों को अब प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से हर माह 150 यूनिट बिजली नि:शुल्क दी जाएगी। पर शर्त यह रहेगी कि उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर कम से कम 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाना पड़ेगा। हालांकि एक किलोवाट तक के […]

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- 1.1 किलोवाट क्षमता का भुगतान बतौर सब्सिडी किया जाएगा

झालावाड़.प्रदेशवासियों को अब प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से हर माह 150 यूनिट बिजली नि:शुल्क दी जाएगी। पर शर्त यह रहेगी कि उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर कम से कम 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाना पड़ेगा। हालांकि एक किलोवाट तक के सोलर पैनल का खर्चा भी सरकार ही वहन करेगी। इस योजना का उद्देश्य लाभार्थी परिवारों को अधिक लाभ प्रदान करना एवं राज्य पर आने वाले वित्तीय भार को नियंत्रण करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पीएम सूर्यघर योजना का लाभ लेते हुए नि:शुल्क बिजली को 100 यूनिट से बढ़ाकर 150 यूनिट प्रतिमाह किया गया है। इस योजना का क्रियान्वयन तीन मॉडल्स के अनुसार होगा।

व्यक्तिगत रूफ टॉप सोलर की स्थापना-

गत वित्तीय वर्ष के आधार पर 150 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को मौजूदा मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना का लाभ तभी दिया जाएगा, जब वे अपने मकान की छतों पर सोलर प्लांट लगवाएंगे। राज्य सरकार डिस्कॉम के माध्यम से ऐसे उपभोक्ताओं की छतों पर 1.1 किलोवॉट क्षमता का सोलर प्लांट नि:शुल्क लगवाएगी।

ऋण भी लिया जा सकेगा-

केन्द्रीय वित्तीय सहायता के बाद शेष लागत वहन करने के लिए डिस्कॉम की ओर से किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से ऋण लिया जाएगा। इस ऋण की मासिक किस्त तीन साल तक डिस्कॉम की ओर से राज्य सरकार के माध्यम से वहन की जाएगी। रूफ टॉप सोलर संयंत्र की स्थापना तक राज्य सरकार की ओर से वर्तमान टैरिफ सब्सिडी वहन की जाएगी। इसके बाद आगामी तीन साल तक राज्य सरकार की ओर से डिस्कॉम को सोलर प्लांट की लागत का मासिक किस्तों में भुगतान किया जाएगा। प्लांट लगाने का काम राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेता ही करेंगे। प्लांट की लागत (मीटरिंग लागत छोड़कर) 50 हजार रुपए अनुमानित है। जिसमें से 33 हजार रुपए केन्द्रीय वित्तीय सहायता है। उपभोक्ताओं के डिस्कॉम की ओर से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। जिसके लिए उपभोक्ता हर माह 75 रुपए वहन करेंगे।

ज्यादा पावर के सोलर भी लगवा सकेंगे-

उपभोक्ता ज्यादा पॉवर के सोलर पैनल भी लगवा सकेंगे। इसके लिए 1.1 किलोवाट पर 50 हजार रुपए, 2 किलोवाट पर 77 हजार रुपए और 3 व अधिक किलोवाट का सोलर पैनल लगाने पर 95 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाएगी।

गरीबों के लिए लगेंगे सामूहिक प्लांट-

गत वित्तीय वर्ष में 150 यूनिट तक बिजली का उपभोग करने वाले, कम आय वाले ग्रामीण एवं शहरी उपभोक्ता, जिनके घरों पर सोलर प्लांट लगाने के लिए जगह की कमी के कारण पीएम सूर्यघर योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, उनके लिए राज्य सरकार की ओर से एचएएम मॉडल के तहत जीएसएस और अन्य स्थान पर डिस्कॉम की तरफ से सामूहिक सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। यदि कोई उपभोक्ता सामूहिक सोलर प्लांट का लाभ नहीं लेकर स्वयं के खर्चे पर प्लांट लगवाना चाहता है तो उसको स्मार्ट मीटर व अन्य वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस मॉडल के तहत ऊर्जा का समुचित उपयोग एवं अपव्यय नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को शेष बची सौर ऊर्जा देने पर एक रुपए प्रति यूनिट की दर से प्रोत्साहन राशि को अगले माह के मीटर किराए में समायोजित किया जाएगा। इन उपभोक्ताओं के यहां डिस्कॉम की ओर से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। जिसके प्रति माह 75 रुपए उपभोक्ता को वहन करने होंगे।

योजना का इन्हें मिलेगा लाभ-

पीएम सूर्यघर बिजली योजना के माध्यम से रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना का मॉडल ऐसे उपभोक्ताओं पर लागू होगा, जो मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना में पंजीयन करवाकर केन्द्रीय वित्तीय सहायता का लाभ उठाकर अपने घरों पर सोलर प्लांट लगवा सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को ग्रिड में दी जा रही सौर ऊर्जा पर वर्तमान दर 2.71 रुपए प्रति यूनिट के अलावा एक नि:शुल्क इंडक्शन कुक टॉप व प्रतिमाह 15 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

17 हजार की छूट मिलेंगी-

सरकार ने इसमें बहुत राहत दी है, अब गरीब तबके के लोग भी रूप टॉप सोलर आसानी से लगवा सकेंगे। जिसमें केन्द्र सरकार के अलावा एक किलोवाट से लेकर तीन किलोवाट तक के सोलर पर 17-17 हजार रूपए की छूट राज्य सरकार देगी।

अजय सोनी, एक्सएईन,जयपुर डिस्कॉम, झालावाड़।