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कहीं बन गए खंडर तो किसी ने कर लिया अतिक्रमण, पड़ौसी परेशान

. जिले में आवासन मंडल के मकानों का कोई धणी-धौरी नहीं

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Some places became ruins and some encroached, neighbors worried

कहीं बन गए खंडर तो किसी ने कर लिया अतिक्रमण, पड़ौसी परेशान


झालावाड़। जिले में बरसों पहले बनाई गई आवासनमंडल की कॉलोनियों के हाल-बेहाल है। इन कॉलोनियों में कई मकान खण्डहर में तब्दील हो गए तो कईयों में अतिक्रमियों का बसेरा है। यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। मकानों की खस्ता हालत से लोग परेशान है। विभाग में अधिकारी-कर्मचारी नहीं होने से कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।
मंडल ने झालावाड़ शहर समेत आधा दर्जन कस्बों में अपनी कॉलोनियां विकसित कर दी। कीमत अधिक और कस्बे से दूर होने के कारण लोगों ने इनमें रूचि नहीं दिखाई। ऐसे में कुछ समय पहले मंडल को इन मकानों को आधी कीमत पर बेचना पड़ा, लेकिन अधिकांश जगह मकान खंडहर और खस्ताहालत में है। देखरेख के अभाव में असामाजिक तत्वों ने इनमें कब्जा जमा लिया है। इन मकानों के खिड़की, दरवाजे, नल, बिजली के सामान के साथ ईंट-पत्थर तक चुरा ले गए ।
जिला मुख्यालय पर दो जगह मंडल की कॉलोनिया है। नई जेल के पास आवासन मंडल कॉलोनी की अभी कोई सार संभाल करने वाला नहीं है। नगर परिषद अब तक कॉलोनी स्थानान्तरित नहीं होने से यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। नाली, सड़क, पानी जैसी सुविधाओं के लिए लोगों को जूझना पड़ रहा है। यहां करीब एक दर्जन मकान खंडहर की हालत में है। बरसों पहले कोटा रोड के पास मंडल की इन्दिरा नगर के नाम से बसाई कॉलोनी में भी पानी व पार्क की समस्या है।

झालरापाटन
बायपास रोड पर हाउसिंग बोर्ड कालोनी ने घरौंदा योजना के तहत करीब 105 मकान बनाए थे, इनमें कई में लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन बीच-बीच में अभी भी कई मकान खाली पड़े हुए है, जिनमें अवैध गतिविधियां हो रही है। कई मकानों के खिड़की, दरवाजे भी चोर चुरा ले गए। ऐसे में पड़ौस में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भवानीमंडी
कस्बे में मंडल ने बस स्टैंड के पास कॉलोनी काटी थी, इसमें 100 मकान बने थे, हालांकि यहां अब लोगों ने पुराने मकानों को तोड़कर अपने हिसाब से पुनर्निर्माण करवाया है। वहीं कस्बे में ही घरौंदा योजना में बने मकानों 30 से अधिक जीर्ण-शीर्ण हालत में है। इनमें तीन साल पहले एक हतया भी हो चुकी है। बस स्टैंड के पास होने से शराबियों का आतंक बना रहता है। इसके चलते लोग यहां निवास करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कई मकानों में लोगों ने अतिक्रमण भी कर रखा है।

छूट के बाद भी लेने को तैयार नहीं
सुनेल कस्बे में आवासन मंडल 222 आवासों को बेचने के लिए प्रयासरत है। निर्माण के बाद देखरेख नहीं होने से ये जर्जर होते जा रहे है। विभाग की एक शर्त यह भी है कि वर्तमान में भवन जिस हालत में है, उसी हालत मेें संभलाया जाएगा। इन मकानों को खरीदने पर कीमत में 25 से 50 प्रतिशत तक की छूट भी दी जा रही है। इसके बावजूद इन्हें खरीदने के लिए लोगों तैयार नहीं हो रहे है।
चौमहला में पूरे आवास क्षतिग्रस्त
जिले के चौमहला कस्बे में मल्हारबाग में 204 मकान आवासनमंडल ने बनाए थे। लेकिन कस्बे से करीब 2 किलोमीटर दूर होने व कीमत अधिक होने से लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में अभी सभी आवास जर्जर हालात में है। लोग खिड़की दरवाजे भी चुरा ले गए है।
अकलेरा में खण्डर बन गए
अकलेरा कस्बे से तीन किलोमीटर दूर भोपाल रोड पर घरौंदा योजना के तहत 11 गुणा 25 फीट आकार के मकान बने थे। यहां 2019 में यहां लगभग आधी कीमत पर सारे मकान बेच दिए गए। यहां लोगों के नहीं रहने से अधिकांश मकान खण्डहर और मलबे में तब्दील हो गए। चोर मकानों का सारा सामान चुरा ले गए।

ले आउट बना हुआहै-
अकलेरा में 2019 में आवंटन के बाद कब्जा दे दिया था। जिन्होंने मकान खरीदे है, उनकी भी जिम्मेदारी है कि अपने मकान की सुरक्षा करें। हमारे पास संसाधन नहीं है। अकलेरा के लिए ले आउट बना हुआहै। कोई आएगा तो दुबारा डी मार्किंग करवा देंगे। झालावाड़ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नगर परिषद को हैंड ओवर करने है। असामाजिक तत्वों की शिकायत है तो दिखवाते हैं।

आरएम कुरैशी, रेजिडेंट इंजीनियर हाउसिंग बोर्ड,कोटा