अन्य शहरों से करना पड़ रही बीज की खरीदी-
बीज दुकानदारों ने बताया कि जिले में पर्याप्त बीज नहीं होने से उन्हे बाहर से बीज मंगवाना पड़ रहा है। लेकिन वो भी बहुत महंगा आ रहा है। ऐसे में समय से बीज नहीं निकला तो परेशानी हो सकती है। ऐसे में जितना बिक रहा है उसी हिसाब से बीज मंगवा रहे हैं। बीज महंगा होने के साथ ही अन्य शहर से बीज खरीदकर लाने पर परिवहन अतिरिक्त राशि खर्च हो रही। वहीं इसके बाद भी बीज की गारंटी नहीं है। बीज खराब निकल जाने पर बुवाई कार्य में ही गड़बड़ी होना मानकर किसानों पर ही दोष मढ़ दिया जाता है।
दो लाख ४५ हजार हैक्टेयर में होगी है सोयाबीन की बुवाई-
जिले में खरीफ का कुल रकबा ३ लाख ३९ हजार हैक्टेयर है, लेकिन सोयाबीन की बुवाई कुल 2 लाख ४५ हजार हैक्टेयर में होना है। विभागीय जानकारी के अनुसार सोयाबीन की बुवाई में कई तरह की समस्याओं के चलते इसका रकबा लगातार कम होता जा रहा। जिले में लगातार पांच साल से प्राकृतिक प्रकोप के चलते किसानों का रुझान सोयाबीन से कम होकर उड़द, मंूग, मक्का की तरफ ज्यादा हो रहा है।