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झालावाड़

एसआरजी चिकित्सालय: खिड़की में गत्ता लगाकर रोक रहे ठंडी हवा

  आरआईसीयू में संक्रमण का अंदेशा, टॉयलेट खराब

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झालावाड़.एसआरजी चिकित्सालय में इन दिनों अव्यवस्था का संक्रमण फैला हुआ है। हर जगह प्रशासन की लापहरवाही से मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आईसीयू का वेटिंग एरिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। यहां की खिड़कियां टूटी हुई है, तो पूरे क्षेत्र में जूते फैले रहते हैं। ऐसे में यही गंदगी आईसीयू में जाने से संक्रमण का खतरा ओर बढ़ जाता है। वहीं चिकित्सालय का ओटी, आरआईसीयू व मैन आईसीयू एक ही रास्ते में है। ऐसे में यहां तीनों के बीच एक ही टॉयलेट होने से वो इतना गंदा व खराब हालात में है कि मुंह पर कपड़ा रखे बिना कोई अंदर नहीं जा सकता हैं। वहीं मेडिकल आईसीयू के मरीज भी आरआईसीयू के टॉयलेट को ही काम में लेते हैं। पास में २डी ईको भी इसी क्षेत्र में होती है, ऐसे में दिनभर में मरीजों की काफी भीड़ रहती है। ऐसे में संक्रमण का खतरा ओर बढ़ जाता है। एसआरजी चिकित्सालय के मेन ओटी में बड़ी संख्या में ऑपरेशन होते हैं। ऐसे में यहां के लिए अलग से टॉलयेट की सुविधा होने चाहिए।


कैदी वार्ड बने अलग से-
ओटी व आरआईसीयू के सामने ही कैदी वार्ड भी बना रखा है ऐसे में अलग से कोई कैदी वार्ड नहीं होने से आईसीयू के मरीजों को भी परेशानी होती है। ऐसे में कोई भी बड़ा अपराधी (कैदी) के आने पर यहां पुलिस व अन्य लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। ऐसे में कई बार कैदी वार्ड अलग करने की भी मांग की गई है। लेकिन प्रशासन ने इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया।

संक्रमण सबसे ज्यादा यहां फैलता है-
आरआईसीयू में कोविड के समय सबसे ज्यादा मौतें भी यहीं हुई है। इसकी वजह संक्रमण ज्यादा फैलना ही माना गया है। वहीं आरआईसीयू में टीबी के मरीज भी भर्ती रहते हैं। वहीं कोविड के बाद लंग्स व निमोनिया के मरीज यहीं भर्ती रहते हैं।

नहीं हटा पा रहे कबाड़ को-
आईसीयू के मुख्य दरवाजे के बाहर ही टूटे पलंग व गद्दे व अन्य सामानों का ढ़ेर लगा हुआ है। लेकिन एसआरजी चिकित्सालय व जिला प्रशासन का अस्पताल में सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं है। प्रशासन इस तरह के कबाड़ की समय से नीलामी करें तो इस तरह के ढ़ेर नहीं लगे। सूत्रों ने बताया कि इस तरह के कबाड़ से चिकित्सालय के कई कमरे भरे हुए है। लेकिन इनकी समय से नीलामी नहीं होने से ये मरीजों व कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए है। एसआरजी चिकित्सालय में लंबे समय से करोड़ों रुपए का कबाड़ भरा हुआ है। जिसका निस्तारण जयपुर से राजमेस के स्तर से ही होना है। उन्हे भी कई बार अवगत करा दिया है। लेकिन उच्चाधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कबाड़ से चिकित्सालय में गदंगी व संक्रमण ही फैल रहा है, इनके स्टोर में होने से नऐ सामान भी नहीं आ रहे हैं।

टॉयलेट बहुत खराब है-
१. एसआरजी चिकित्सालय के आईसीयू में मेरी माता जी तीन दिन से भर्ती है। टॉयलेट बहुत खराब है। वेटिंग एरिया में खिड़की टूटी हुई है इस शीतलहर में बहुत ठंडी हवा आती है। रात को इसमें गत्ता लगाना पड़ता है। तब जाकर कुछ हवा रूक पाती है। फिर भी पूरा एरिया ठंडा हो जाता है।
श्याम लाल, तीमारदार, रामगंज मंडी।

रात को सौ नहींपाते हैं-
२.जूते फैल हुए है, इन्हे व्यवस्थित रखने के लिए रैक होनी चाहिए। रात को बहुत तेज हवा आने से यहां सौ नहीं पाते हैं। टॉयलेट बहुत गंदे हो रहे हैं। एक ही टॉयलेट होने से बहुत परेशानी आती है। आईसीयू के लिए अलग टॉयलेट होना चाहिए। कई जगह प्लास्टर निकला हुआ है।
परमानंद, तीमारदार सलावद।
टैंडर कर रहे हैं
३.टूटी हुई कांच की खिड़की को कल हीसही करवा दिया जाएगा।चिकित्सालय के कैदी वार्ड में अलग से टॉयलेट बनाया जाएगा। इसके लिए टैंडर कर दिया गया है। अब सभी टॉयलेट को सही करवाया जा रहा है। राजमेस के नियम की वजह से कबाड़ का निस्तारण जयपुर स्तर से ही होगा। राजमेस से अनुमति आने के बाद इसकी नीलामी की जाएगी।
डॉ.संजय पोरवाल, अधीक्षक, एसआरजी चिकित्सालय, झालावाड़।